मुनाफे की ओर NMDC Steel, रेवेन्यू में बड़ा इजाफा
NMDC Steel Limited (NSL) ने दिसंबर 2025 में समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों (9M FY26) के लिए अपने वित्तीय प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार दिखाया है।
Q3 FY26 के नतीजे:
- कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹3,007.69 करोड़ रहा, जो कि पिछले साल की Q3 FY25 के ₹2,119.54 करोड़ की तुलना में 41.6% ज्यादा है।
- कुल आय (Total Income) भी 41.6% बढ़कर ₹3,026.42 करोड़ पर पहुंच गई।
- तिमाही के दौरान नेट लॉस घटकर ₹243.97 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹757.78 करोड़ था।
- Earnings Per Share (EPS) में भी सुधार हुआ, जो ₹(2.59) से बढ़कर ₹(0.83) हो गया।
9 महीने (9M FY26) के नतीजे:
- इस अवधि में कंपनी का रेवेन्यू 71.8% बढ़कर ₹9,762.81 करोड़ हो गया।
- नेट लॉस भी पिछले साल के ₹1,900.40 करोड़ की तुलना में काफी कम होकर ₹333.19 करोड़ पर आ गया।
कर्ज में भारी कटौती, पर लिक्विडिटी पर नजर
कंपनी की वित्तीय सेहत में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव कर्ज (Debt) को लेकर आया है। दिसंबर 2025 तक कंपनी का कुल उधार (Total Borrowings) ₹4,802.62 करोड़ रहा, जो दिसंबर 2024 के ₹6,376.97 करोड़ से ₹1,574.35 करोड़ कम है। यह कमी नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) और रुपए टर्म लोन (Rupee Term Loan) के भुगतान से संभव हुई है।
इसके चलते, कंपनी का डेट-इक्विटी रेशियो (Debt/Equity Ratio) 0.47 से सुधरकर 0.38 हो गया है। हालांकि, करंट रेशियो (Current Ratio) 0.57 पर बना हुआ है, जो अल्पकालिक देनदारियों (Short-term Obligations) को पूरा करने में संभावित चुनौतियों का संकेत देता है। इसलिए, लिक्विडिटी मैनेजमेंट (Liquidity Management) पर कंपनी को ध्यान देना होगा।
आगे क्या? सरकारी विनिवेश पर नजर
NMDC Steel के भविष्य की दिशा काफी हद तक दो मुख्य बातों पर निर्भर करेगी: एक, कंपनी का लगातार सुधरता परिचालन प्रदर्शन (Operational Performance) और बैलेंस शीट की मजबूती; और दूसरा, भारत सरकार की रणनीतिक विनिवेश (Strategic Disinvestment) प्रक्रिया।
निवेशकों की नजरें कंपनी के लिक्विडिटी मैट्रिक्स (Liquidity Metrics) में सुधार और विनिवेश प्रक्रिया की टाइमलाइन पर होंगी। रेवेन्यू ग्रोथ और घटते घाटे जैसे सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन अल्पकालिक वित्तीय स्वास्थ्य और स्वामित्व परिवर्तन की अनिश्चितताओं को भी ध्यान में रखना होगा।