NMDC Steel ने वित्त वर्ष 2026 में शानदार वापसी करते हुए प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी अब अपना पूरा ध्यान ऑपरेशनल स्टेबिलिटी और मार्जिन बढ़ाने पर लगा रही है।
मुनाफे की राह पर NMDC Steel
कंपनी ने अपने शुरुआती दौर के बाद अब स्ट्रैटेजिक बदलाव किए हैं, जिसका असर नतीजों में दिख रहा है। FY26 में कंपनी ने ₹58.72 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो पिछले साल के ₹2,373.78 करोड़ के भारी नुकसान के मुकाबले एक बड़ा यू-टर्न है। कंपनी का रेवेन्यू भी सालाना आधार पर लगभग 60% बढ़कर ₹13,641.81 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹8,503.05 करोड़ था।
नई रणनीति और चुनौतियां
मैनेजमेंट अब ऑटोमोटिव-ग्रेड और हाई-स्ट्रेंथ स्टील के उत्पादन पर जोर दे रहा है ताकि बेहतर मार्जिन हासिल किया जा सके। सरकार की 'नेशनल स्टील पॉलिसी 2047' के तहत देश में स्टील क्षमता को 600 मिलियन टन से ऊपर ले जाने का लक्ष्य है, जिसका फायदा पूरी इंडस्ट्री को मिल सकता है। साथ ही, ₹5,000 करोड़ की सरकारी स्कीम से भी क्लीन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने की तैयारी है।
गवर्नेंस और रिस्क फैक्टर
हालांकि कंपनी मुनाफे में है, लेकिन निवेशकों के लिए कुछ चिंताएं अभी भी हैं। ऑडिट रिपोर्ट्स में स्वतंत्र निदेशकों की कमी और बोर्ड कमेटी के स्ट्रक्चर को मजबूत करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट में स्टील की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सस्ते इम्पोर्ट्स का मुकाबला करना भी कंपनी के सामने एक बड़ी चुनौती है।
फिलहाल शेयर ₹40.95 के आसपास ट्रेड कर रहा है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर कंपनी के बोर्ड पुनर्गठन और मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता पर टिकी रहेगी।
