NITCO Share Price: ₹17,000 लाख का भारी जुर्माना! रेवेन्यू बढ़ा, पर घाटा जारी

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AuthorAditya Rao|Published at:
NITCO Share Price: ₹17,000 लाख का भारी जुर्माना! रेवेन्यू बढ़ा, पर घाटा जारी
Overview

NITCO Limited के निवेशकों के लिए मिली-जुली खबरें हैं। कंपनी ने तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में अपने रेवेन्यू में शानदार **56%** की ग्रोथ दर्ज की, जो **₹13,117 लाख** तक पहुंच गया। हालांकि, इसके बावजूद कंपनी **₹1,196 लाख** से ज्यादा का नेट लॉस (Net Loss) झेल रही है। लेकिन सबसे बड़ी चिंता **₹17,000 लाख** के एक भारी-भरकम जुर्माने को लेकर है, जिसे कंपनी कानूनी तौर पर गलत मान रही है।

रेवेन्यू की उड़ान, पर मुनाफे पर ग्रहण!

कंपनी के रेवेन्यू में यह जबरदस्त उछाल रियल एस्टेट सेगमेंट में हुए एक ज्वाइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (JDA) की वजह से आया है। इस JDA से कंपनी को ₹5,842 लाख का फायदा हुआ, जिसने टॉप-लाइन को बड़ा बूस्ट दिया।

नंबर्स क्या कहते हैं?

अगर नतीजों पर नज़र डालें तो, Q3 FY26 में NITCO का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹13,117.76 लाख (पिछले साल के मुकाबले 56.07% ज्यादा) और कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹13,175.62 लाख (56.39% ज्यादा) रहा। लेकिन, बॉटम-लाइन पर कंपनी को घाटा हुआ। स्टैंडअलोन बेसिस पर ₹1,061.47 लाख का लॉस और कंसोलिडेटेड बेसिस पर ₹1,196.24 लाख का घाटा दर्ज किया गया। हालांकि, पिछले नौ महीनों (31 दिसंबर 2025 तक) के आंकड़े देखें तो, स्टैंडअलोन PAT ₹4,057.69 लाख और कंसोलिडेटेड PAT ₹3,643.34 लाख रहा, जो पिछले साल के घाटे से बेहतर स्थिति दिखाता है। कंपनी ने एम्प्लॉई बेनिफिट प्लान एडजस्टमेंट के तहत ₹400.13 लाख का एक खास आइटम भी दर्ज किया है।

₹17,000 लाख का बड़ा ओवरहैंग!

लेकिन निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता ₹17,000 लाख का वो भारी-भरकम जुर्माना है, जो एडिशनल डायरेक्टोरेट जनरल फॉरेन ट्रेड (ADGFT) ने कंपनी पर लगाया है। कंपनी का मैनेजमेंट इस जुर्माने को चुनौती दे रहा है और इसे कानूनी तौर पर कमजोर बता रहा है। यही वजह है कि कंपनी ने इसके लिए कोई प्रोविजन (Provision) नहीं किया है। यह एक बड़ा 'ओवरहैंग' (Overhang) बना हुआ है, क्योंकि अगर यह जुर्माना लागू हो गया, तो यह कंपनी की वित्तीय सेहत के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।

आगे का रास्ता और रिस्क

इसके अलावा, सौम्या बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए ₹855.22 लाख के कैपिटल एडवांस की वसूली भी एक बड़ा सवाल है। कंपनी ने ग्रुप एंटिटीज के लिए ₹100 करोड़ तक के लोन या गारंटी को बोर्ड से मंजूरी दिलवाई है। कुल मिलाकर, कंपनी का आउटलुक 'सावधान' (Cautious) है। मुख्य रिस्क में ADGFT का जुर्माना, ऑपरेशनल लॉस और रियल एस्टेट JDA पर निर्भरता शामिल है। निवेशक इस बात पर पैनी नज़र रखेंगे कि कंपनी ADGFT जुर्माने से जुड़े कानूनी मामले को कैसे सुलझाती है और क्या वह रियल एस्टेट JDA आय से अलग, अपने मुख्य व्यवसाय में लगातार मुनाफे की राह बना पाती है या नहीं।

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