NHPC का यह प्रस्ताव कंपनी के फाइनेंसियल स्ट्रक्चर को मजबूत करने और एसेट्स को बूस्ट करने के मकसद से लाया जा रहा है। इस पर फाइनेंशियल ईयर 2026-27 तक पूरा होने का अनुमान है। यह चर्चा कंपनी के फरीदाबाद हेडक्वार्टर में होगी। 9 अप्रैल 2026 को NHPC का शेयर ₹77.10 पर बंद हुआ था, जिसमें 0.56% की मामूली बढ़त दर्ज की गई थी।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कंपनी के तिमाही नतीजे मिले-जुले रहे हैं। तीसरी तिमाही (Q3) में नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 5.2% घटकर ₹219 करोड़ रह गया, वहीं रेवेन्यू में 2.9% की गिरावट आकर ₹2,220 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेशनल फ्रंट पर कंपनी को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसका असर EBITDA में 79.2% की तेज गिरावट में दिखा, जो घटकर सिर्फ ₹210 करोड़ रह गया। इसके चलते EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 44.4% से गिरकर 9.5% पर आ गया।
इसके अलावा, कंपनी ने हाल ही में फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए ₹8,000 करोड़ तक का उधार लेने की मंजूरी दी थी। फंड जुटाने के विकल्पों में प्राइवेट प्लेसमेंट बॉन्ड, टर्म लोन और एक्सटर्नल बोरिंग शामिल हैं, जो मार्केट की मौजूदा कंडीशन पर निर्भर करेगा।
इन तिमाही वित्तीय मुश्किलों के बावजूद, NHPC ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए 14% (यानी ₹1.40 प्रति शेयर) का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) देने का ऐलान किया है।
8 अप्रैल 2026 तक करीब ₹77,015 करोड़ के मार्केट कैप वाली NHPC का P/E रेश्यो 29.34 से 38.15 के बीच है। यह वैल्यूएशन इसके प्रमुख पब्लिक सेक्टर प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में काफी ज्यादा नजर आता है। उदाहरण के लिए, NTPC Ltd. का P/E रेश्यो 15.5 से 22.54 है, और Power Grid Corporation of India का P/E रेश्यो 17.61 से 18.74 है। भारतीय हाइड्रोपावर सेक्टर ग्रिड स्टेबिलिटी के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे छोटे प्रोजेक्ट्स के लिए कॉम्पिटिशन और पॉलिसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार छोटे हाइड्रोपावर स्कीम्स को रिवाइव करने का लक्ष्य रख रही है, जिनकी कुल क्षमता 1.5 GW है।
NHPC के फाइनेंस पर कर्ज़ का बोझ साफ दिख रहा है। सितंबर 2025 तक, नेट डेट ₹440.6 बिलियन था, जिसके चलते डेट टू EBITDA रेश्यो 9.74 रहा, जो कुछ समय में 5.14 गुना तक भी पहुंचा। कर्ज़ का यह भारी बोझ कंपनी की कमाई की क्षमता पर सीधा असर डालता है। Q3 में EBITDA मार्जिन में 44.4% से 9.5% तक की भारी गिरावट लाभ पर गंभीर दबाव को दर्शाती है। मार्च 2026 की शुरुआत की खबरों के अनुसार, NHPC ने ₹68.66 का 52-हफ्ते का निचला स्तर छुआ था, और बढ़ते डेट व घटते मार्जिन के चलते 'Strong Sell' रेटिंग मिली थी। हालांकि इंटरेस्ट कवरेज अभी मजबूत है, लेकिन बढ़ता कर्ज और सिकुड़ते मार्जिन एक मुश्किल परिदृश्य बनाते हैं।
हालांकि, एनालिस्ट्स की राय आम तौर पर पॉजिटिव बनी हुई है। कंसेंसस 'Buy' रेटिंग के साथ, 12 महीने का औसत प्राइस टारगेट ₹89.57 है। कुछ फोरकास्ट अगले तीन सालों में रेवेन्यू और ऑपरेटिंग इनकम में मजबूत सालाना ग्रोथ का अनुमान लगाते हैं। लेकिन, अपने डेट को मैनेज करना, ऑपरेशनल चुनौतियों से निपटना, और फंड जुटाने व मोनेटाइजेशन प्लान्स को सफलतापूर्वक लागू करना कंपनी के ग्रोथ और वैल्यूएशन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।