NHAI का ₹30,000 करोड़ के एसेट सेल टारगेट के करीब
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) वितीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने महत्वाकांक्षी ₹30,000 करोड़ के एसेट मोनेटाइजेशन लक्ष्य को हासिल करने के बहुत करीब है। अब तक, इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvITs) और टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (TOT) सौदों के संयोजन से ₹28,307 करोड़ सफलतापूर्वक जुटाए जा चुके हैं। यह रणनीति सरकारी योजना के लिए महत्वपूर्ण है, ताकि सार्वजनिक वित्त पर बोझ डाले बिना नए इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को फंड किया जा सके। ऑपरेशनल हाईवे एसेट्स को बेचकर, NHAI अग्रिम पूंजी जुटाती है जिसका उपयोग नए हाईवे निर्माण, विस्तार परियोजनाओं और कर्ज चुकाने के लिए किया जाता है।
InvIT की सफलता से पूंजी जुटाने में आई तेजी
इस राशि का एक बड़ा हिस्सा InvIT राउंड-5 से आया है। इस राउंड में, NHAI ने 310 किमी से अधिक हाईवे स्ट्रेच के अधिकार NHIT वेस्टर्न प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को ₹6,366.98 करोड़ में बेचे। यह डील ऑपरेटर को 20 साल के लिए टोल संग्रह का अधिकार देती है। हालिया NHAI InvIT पब्लिक ऑफरिंग ने निवेशकों का मजबूत विश्वास दिखाया, जो लगभग 14 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ। इसने तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और झारखंड में लगभग ₹9,500 करोड़ की कीमत वाली पांच सड़क संपत्तियों को सुरक्षित किया।
TOT डील्स से भी फंड जुटाने में मिली मदद
टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (TOT) मॉडल भी NHAI के फंड जुटाने में अहम रहा है। अथॉरिटी ने हाल ही में ₹3,087 करोड़ में TOT बंडल-18 को अवॉर्ड किया है। इस डील में ओडिशा में NH-16 का 74.5 किमी का स्ट्रेच शामिल है, जिसे IRB चंदिभद्रा टोलवे प्राइवेट लिमिटेड ने खरीदा है। प्राइवेट ऑपरेटर 20 साल तक टोल वसूलने और सड़कों के रखरखाव का प्रबंधन करेगा, जिससे NHAI को तत्काल पूंजी मिलेगी।