कर्ज में भारी कमी, ₹1.96 लाख करोड़ पर पहुंचा
17 अप्रैल तक NHAI पर कुल कर्ज ₹1.96 लाख करोड़ रह गया है, जो कि 2022-23 फाइनेंशियल ईयर में ₹3.42 लाख करोड़ के अपने उच्चतम स्तर से काफी कम है। इस भारी कमी के कारण एक समय NHAI को मार्केट से अतिरिक्त कर्ज लेने पर रोक लग गई थी और सरकार को हाईवे डेवलपमेंट के लिए फंड देना पड़ रहा था। चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले 15 दिनों में ही ₹6,057 करोड़ का भुगतान करके इस कर्ज में बड़ी कमी लाई गई है।
एसेट मोनेटाइजेशन से चुकाया जा रहा लोन
कर्ज कम करने में इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvITs) के जरिए एसेट मोनेटाइजेशन एक बड़ा जरिया साबित हुआ है। NHAI ने इस तरीके से ₹59,524 करोड़ जुटाए हैं, और इस पूरी रकम को लोन चुकाने में इस्तेमाल किया है। नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन 2.0 के तहत, 2026 से 2030 के बीच हाईवे सेक्टर से ₹4.42 लाख करोड़ जुटाने का लक्ष्य है, जो कर्ज प्रबंधन को और मजबूत करेगा।
हाईवे निर्माण में दमदार रफ्तार
कर्ज को आक्रामक तरीके से कम करने के बावजूद, NHAI ने नेशनल हाईवे बनाने के टारगेट को भी पार कर लिया है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में 5313 km हाईवे का निर्माण किया गया, जो टारगेट से 15% ज्यादा है। इसके लिए ₹2.44 लाख करोड़ का कैपेक्स (CapEx) किया गया, जो बजट से थोड़ा अधिक था। इस अतिरिक्त ₹5978 करोड़ के अंतर को NHAI ने अपने फंड से पूरा किया। फिलहाल, NHAI के पास ₹7.72 लाख करोड़ की लागत वाले 27,597 km के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।
