NCLT से मिली बड़ी हरी झंडी
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की दिल्ली बेंच ने 18 फरवरी 2026 को एक अहम फैसला सुनाते हुए IAC International Automotive India Private Limited और Lumax Auto Technologies Limited के मर्जर (Amalgamation) के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस बड़ी कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग (Corporate Restructuring) के तहत, Lumax Auto Technologies अपनी पूरी तरह से स्वामित्व वाली सब्सिडियरी (Wholly-owned subsidiary) IAC International को अपने में समाहित कर लेगी।
मर्जर की प्रक्रिया और नियुक्त तिथि
NCLT के इस फैसले से दोनों कंपनियों के शेयरधारकों (Shareholders) और लेनदारों (Creditors) की अलग-अलग मीटिंग बुलाने की ज़रूरत खत्म हो गई है। ट्रिब्यूनल ने यह छूट इसलिए दी क्योंकि कंपनी के हितधारकों (Stakeholders) से सहमति मिल गई थी और IAC International, Lumax Auto Technologies की 100% सब्सिडियरी है। मर्जर की प्रभावी तिथि, यानी जिस दिन से यह कानूनी और परिचालन (Operational) रूप से लागू होगा, 1 अक्टूबर 2025 तय की गई है। ट्रिब्यूनल ने यह भी सुनिश्चित किया कि मर्जर के लिए अकाउंटिंग ट्रीटमेंट कंपनीज़ एक्ट, 2013 के सेक्शन 133 के अनुरूप है।
कंपनी का दमदार वित्तीय प्रदर्शन
जहां एक ओर यह मर्जर कंपनी की संरचना को मजबूत कर रहा है, वहीं Lumax Auto Technologies का हालिया वित्तीय प्रदर्शन भी बेहद शानदार रहा है। दिसंबर 2025 में समाप्त तिमाही (Q3 FY26) में, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) पिछले साल की तुलना में 40.3% बढ़कर ₹1,270.66 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट (Net Profit) में 92.9% की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹108.06 करोड़ तक पहुंच गया। EBITDA में भी 50.5% की वृद्धि के साथ यह ₹190.89 करोड़ रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 14.00% से बढ़कर 15.02% हो गया। कंपनी का ROE (Return on Equity) 20.04% पर मजबूत बना हुआ है। पूरे 2025 के फाइनेंशियल ईयर (FY25) की बात करें तो रेवेन्यू 29% बढ़कर ₹3,637 करोड़ रहा और नेट प्रॉफिट 37% उछलकर ₹229 करोड़ दर्ज किया गया।
भविष्य की रणनीति और ऑटो सेक्टर
यह मर्जर Lumax Auto Technologies को परिचालन में अधिक एकीकरण (Integration) और वित्तीय मजबूती प्रदान करेगा, जिससे दक्षता (Efficiency) और लागत बचत (Cost Synergies) में सुधार की उम्मीद है। अपनी सब्सिडियरी को समाहित करके, कंपनी अपनी कॉर्पोरेट संरचना को सरल बनाना चाहती है, अनुपालन (Compliance) को आसान बनाना चाहती है और शेयरधारक मूल्य (Shareholder Value) को बढ़ाना चाहती है। भारत का ऑटो कंपोनेंट सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और 2030 तक इसके USD 145 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। Lumax Auto Technologies, अपने विविध प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और ADAS (Advanced Driver-Assistance Systems) व EV-agnostic सॉल्यूशंस जैसी नवाचारों (Innovations) पर ध्यान केंद्रित करके, इस विकास का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है।
शेयर का प्रदर्शन और जोखिम
कंपनी के शेयर ने पिछले एक साल में लगभग 202.88% का शानदार रिटर्न दिया है। हालांकि, निवेशकों को एकीकरण प्रक्रिया के सफल कार्यान्वयन (Execution) पर नज़र रखनी चाहिए ताकि अपेक्षित तालमेल (Synergies) का पूरा लाभ मिल सके। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी पर किसी बड़े नियामक जुर्माने (Regulatory Penalties) या धोखाधड़ी के आरोप नहीं हैं और यह SEBI के नियमों का पालन कर रही है।