NCL Industries के निवेशकों के लिए मिली-जुली खबर है। कंपनी ने Q2 में सीमेंट उत्पादन तो **22%** बढ़ाकर **7.81 लाख टन** कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद शेयर **2.28%** फिसलकर **₹160.20** पर बंद हुआ।
NCL Industries के शेयर में 8 अक्टूबर, 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 2.28% की गिरावट दर्ज की गई और यह ₹160.20 पर बंद हुआ। हालांकि कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में अपने मुख्य बिजनेस यानी सीमेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्पादन और डिस्पैच में 22% की बढ़ोतरी दर्ज की है, लेकिन निवेशकों का सेंटिमेंट कंपनी के अन्य बिजनेस यूनिट्स की सुस्ती के कारण कमजोर रहा।
बिजनेस सेगमेंट में सुस्ती का असर
सीमेंट डिवीजन की मजबूती के बावजूद, कंपनी के अन्य सेगमेंट दबाव में हैं। रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) सेगमेंट का उत्पादन और बिक्री दूसरी तिमाही में 10% गिर गई। वहीं, पूरे साल के पहले हाफ में इसमें 18% की गिरावट आई है। इसके अलावा, हाइड्रो-पावर डिवीजन का प्रदर्शन भी काफी निराशाजनक रहा, जहां बिजली उत्पादन में सालाना आधार पर 43% की बड़ी गिरावट देखी गई। हालांकि सीमेंट बोर्ड सेगमेंट ने दूसरी तिमाही में 22% का रिकवरी दिखाया, लेकिन पहले हाफ में इसका प्रदर्शन भी 12% कमजोर ही रहा।
फाइनेंशियल रिस्क और अनिश्चितता
निवेशक कंपनी के सामने खड़े कानूनी और वित्तीय जोखिमों पर भी नजर बनाए हुए हैं। कंपनी पर ₹91.4 करोड़ की माइनिंग से जुड़ी और ₹22.5 करोड़ की टैक्स से जुड़ी डिमांड्स पेंडिंग हैं, जो भविष्य के कैश फ्लो के लिए चिंता का विषय हैं। साथ ही, कंपनी का भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर, जैसे कि सोलर-विंड हाइब्रिड प्लांट में निवेश, बैलेंस शीट पर दबाव बना रहा है। पिछले 12 महीनों में स्टॉक 17% से ज्यादा गिर चुका है, जो निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी अपने सीमेंट बिजनेस की बढ़त को बरकरार रख पाएगी और अन्य घाटे वाले सेगमेंट को कब तक मुनाफे में ला सकेगी।
