नतीजों पर एक नज़र
NCC Limited के तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजों में मिली-जुली तस्वीर सामने आई है। एक तरफ जहां कंसोलिडेटेड लेवल पर कंपनी ने प्रॉफिट में बढ़त दर्ज की है, वहीं दूसरी ओर कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में गिरावट देखी गई है। इसके साथ ही, स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस में भी नरमी दिखी है।
मुख्य आंकड़े:
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: इस तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹4,454.29 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹5,382.86 करोड़ था। यह 17.2% की गिरावट दर्शाता है।
- कंसोलिडेटेड PAT: वहीं, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 8.15% बढ़कर ₹122.46 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹113.23 करोड़ था।
- स्टैंडअलोन PAT: स्टैंडअलोन आधार पर, PAT में 57.57% की बड़ी गिरावट आई, जो ₹82.01 करोड़ रहा (Q3 FY25 में ₹193.27 करोड़ था)। स्टैंडअलोन रेवेन्यू भी 14.3% घटकर ₹4,042.27 करोड़ दर्ज किया गया।
- 9 महीने का प्रदर्शन: पहले नौ महीनों (9MFY26) में, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹14,590.29 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 3.17% कम है। हालांकि, कंसोलिडेटेड PAT में 24.15% की जोरदार बढ़त देखी गई और यह ₹468.70 करोड़ रहा।
- एक बार का खर्च: नए लेबर कोड के कारण कर्मचारी लाभ खर्चों में वृद्धि के चलते कंसोलिडेटेड स्तर पर ₹33.67 करोड़ का एक असाधारण (exceptional) खर्च दर्ज किया गया।
Amalgamation और ऑर्डर बुक
कंपनी ने एक और अहम घोषणा की है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने NCC Infrastructure Holdings Limited (NCCIHL) के NCC Limited में Amalgamation को मंजूरी दे दी है। यह विलय 28 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा। इस कदम से कंपनी की कॉर्पोरेट संरचना सरल होने और संचालन में तालमेल (synergies) बढ़ने की उम्मीद है।
इसके अलावा, कंपनी का ऑर्डर बुक मजबूत बना हुआ है। 31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी के पास ₹79,571 करोड़ का मजबूत ऑर्डर पोर्टफोलियो था। तीसरी तिमाही में ₹2,430 करोड़ के नए ऑर्डर भी मिले हैं, जो भविष्य की आय के लिए अच्छी विजिबिलिटी प्रदान करते हैं।
आगे की राह
हालांकि कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में बढ़त उत्साहजनक है, लेकिन स्टैंडअलोन रेवेन्यू और PAT में आई गिरावट पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत होगी। कंपनी के मैनेजमेंट को लागत नियंत्रण और स्टैंडअलोन परिचालन क्षमता को बेहतर बनाने पर ध्यान देना होगा, ताकि मजबूत ऑर्डर बुक का पूरा फायदा उठाया जा सके।
