NAN GreenMet और चिली की Enaex SA का जॉइंट वेंचर NAN Enaex पूर्वी भारत में **₹750 करोड़** के निवेश से नया मैन्युफैक्चरिंग हब खड़ा करेगा। **2027** तक शुरू होने वाले इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य देश के बढ़ते माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की मांग को पूरा करना है।
प्लांट की क्षमता और फोकस
इस नए मैन्युफैक्चरिंग हब की सालाना क्षमता 1.50 लाख टन इमल्शन एक्सप्लोसिव और 10 लाख इलेक्ट्रॉनिक डिटोनेटर बनाने की होगी। कंपनी ने पूर्वी भारत को इसलिए चुना है क्योंकि वहां प्रमुख माइनिंग ऑपरेशन्स और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर मौजूद हैं, जिससे लॉजिस्टिक लागत कम होगी और सप्लाई चेन और भी बेहतर बनेगी।
टेक्नोलॉजी का तड़का
भारत का एक्सप्लोसिव मार्केट 2035 तक $2.7 अरब तक पहुंचने का अनुमान है। इस भीड़ में अलग दिखने के लिए NAN Enaex आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ब्लास्टिंग टूल्स पेश करने की तैयारी में है। यह टेक्नोलॉजी टनलिंग और माइनिंग के कठिन कामों में सटीकता (precision) लाने के लिए बेहद जरूरी है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
यह सेक्टर काफी रेगुलेटेड है, इसलिए निवेशकों को PESO (Petroleum and Explosives Safety Organization) की मंजूरी और लाइसेंसिंग पर पैनी नजर रखनी होगी। साथ ही, घरेलू बाजार में Solar Industries India जैसे दिग्गज खिलाड़ी पहले से जमे हुए हैं, जो कड़ी प्रतिस्पर्धा पेश करेंगे।
मुनाफे पर दबाव की बात करें तो अमोनियम नाइट्रेट (Ammonium Nitrate) की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। कंपनी केवल कमोडिटी नहीं, बल्कि हाई-वैल्यू टेक सर्विसेज पर फोकस कर अपनी प्रॉफिटेबिलिटी बचाने की रणनीति अपना रही है।
