Q4 नतीजे और शेयर का हाल
NALCO ने Q4 FY26 के नतीजे जारी किए, जिसमें कंपनी का EBITDA ₹23.4 अरब रहा। यह एनालिस्टों के अनुमान से 4% कम था। कंपनी को एल्युमिना (alumina) की कम बिक्री और कीमतों का झटका लगा, जिसने LME एल्युमिनियम की ऊंची कीमतों के फायदे को कम कर दिया। इन चुनौतियों के बावजूद, 5 मई 2026 को NALCO के शेयर 2.48% बढ़कर ₹417.85 पर बंद हुए।
बड़ी चिंता का सबब बना एक्सपेंशन प्लान
कंपनी के लिए लंबी अवधि की सबसे बड़ी चिंता उसका भारी-भरकम एक्सपेंडिचर प्लान है। अगले 3 से 4 सालों में, NALCO करीब ₹300 अरब का निवेश करने की योजना बना रही है। इस पैसे से 5 लाख टन प्रति वर्ष क्षमता का नया एल्युमीनियम प्लांट और 1,080 मेगावाट का पावर प्लांट तैयार किया जाएगा। ICICI सिक्योरिटीज के एनालिस्टों का मानना है कि यह बड़ा विस्तार NALCO के वित्तीय हालात को काफी हद तक बदल सकता है। वर्तमान में कैश (cash) से भरपूर यह कंपनी भविष्य में नेट डेट (net debt) में जा सकती है। इस बदलाव के कारण निवेशकों को NALCO के जोखिमों और वैल्यूएशन (valuation) पर करीबी नजर रखनी होगी।
आउटलुक और रिफाइनरी की शुरुआत
फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) का आउटलुक (outlook) फिलहाल बेहतर दिख रहा है, मुख्य रूप से LME एल्युमिनियम की कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद के कारण। हालांकि, एल्युमिना की कमजोर कीमतों के चलते यह उम्मीद कुछ हद तक संतुलित हो जाती है। NALCO का 10 लाख टन प्रति वर्ष क्षमता वाला एल्युमिना रिफाइनरी (refinery) Q2 FY27 तक चालू होने की उम्मीद है, जो एक अहम पड़ाव है। लेकिन इसका पूरा वित्तीय असर फाइनेंशियल ईयर 2028 तक महसूस नहीं होगा। इसका मतलब है कि निवेशकों को अल्पकालिक मूल्य परिवर्तनों को नए कैपेसिटी (capacity) के पूरी तरह काम शुरू होने की लंबी प्रक्रिया के मुकाबले तौलना होगा।
एनालिस्टों की राय और जोखिम
ICICI सिक्योरिटीज ने NALCO पर 'होल्ड' (HOLD) रेटिंग बरकरार रखी है, जिसका टारगेट प्राइस ₹395 है। यह टारगेट मौजूदा स्तरों से बहुत ज्यादा ग्रोथ की उम्मीद नहीं दिखाता। निवेशकों के लिए मुख्य चिंता यह है कि इतना बड़ा कैपिटल स्पेंडिंग प्रोग्राम (capital spending program) कंपनी की फाइनेंस (finance) को कैसे प्रभावित करेगा। धीरे-धीरे ही सही, नेट-डेट (net debt) की स्थिति की ओर बढ़ना कंपनी के लिए कर्ज की लागत बढ़ा सकता है। NALCO ने ₹2 प्रति शेयर का डिविडेंड (dividend) भी घोषित किया है। ग्लोबल कमोडिटी मार्केट (commodity market) की अनिश्चितता भी एक फैक्टर है। LME एल्युमिनियम की कीमतों के मजबूत रहने के बावजूद, एल्युमिना की कीमतें गिरने या स्थिर रहने का अनुमान है। Hindalco और Vedanta जैसी बड़ी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा भी लगातार बनी हुई है।
