N R Agarwal Industries Ltd. ने अपने आगामी यूनिट VI मल्टीलेयर बोर्ड प्लांट, जो दहेज, गुजरात में बन रहा है, के लिए गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (GIDC) से महत्वपूर्ण मंजूरी हासिल कर ली है। यह कंपनी के विस्तार प्लान के लिए एक बड़ी सफलता है।
कंपनी को 4,000 KLPD (किलोलीटर प्रति दिन) पानी की सप्लाई (जिसमें नर्मदा का पानी और डिसैलिनेटेड पानी शामिल है) की मंजूरी मिली है। इसके साथ ही, GIDC पाइपलाइन के जरिए 2,000 KLPD एफ्लुएंट (effluent) डिस्पोजल की भी हरी झंडी मिल गई है। यह मंजूरी कंपनी के ₹1,200 करोड़ के बड़े विस्तार प्रोजेक्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसका लक्ष्य 1,000 टन प्रति दिन (TPD) की उत्पादन क्षमता हासिल करना है। इस मंजूरी के लिए कंपनी को करीब ₹4.92 करोड़ का अग्रिम भुगतान करना होगा।
हाल के नतीजों में कंपनी का प्रदर्शन दमदार रहा है। Q3 FY2025-2026 में रेवेन्यू में 31.22% की शानदार बढ़ोतरी के साथ यह ₹566.56 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट में 13.35% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹14.43 करोड़ रहा। कंपनी का PAT ग्रोथ पिछले चार तिमाही के औसत से 136.1% ज्यादा है और ऑपरेटिंग मार्जिन 10.19% तक पहुंच गया है, जो पिछले तिमाही के मुकाबले बेहतर है।
हालांकि, कंपनी के विस्तार प्लान बड़े हैं और इसके साथ ही कर्ज का बोझ भी बढ़ा है। कंपनी का डेट-टू-इक्विटी (debt-to-equity) रेशियो बढ़कर 0.93 हो गया है, और कुल लीवरेज 92.6% है। चिंता की बात यह है कि कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट, ब्याज के भुगतान को ठीक से कवर नहीं कर पा रहा है, क्योंकि EBIT इंटरेस्ट कवरेज रेशियो केवल 1.2 है। इन चिंताओं को देखते हुए, ICRA ने फरवरी 2026 में N R Agarwal Industries की रेटिंग को '[ICRA]A-(Stable)' और '[ICRA]A2+' तक डाउनग्रेड (downgrade) कर दिया था, हालांकि आउटलुक अभी भी स्टेबल (stable) है।
N R Agarwal Industries के लिए सबसे बड़े जोखिम नए यूनिट VI प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन (execution) से जुड़े हैं। प्रोजेक्ट में देरी, लागत का बढ़ना, और नई क्षमता का कुशलतापूर्वक एकीकरण प्रमुख चिंताएं हैं। कंपनी के ऊंचे कर्ज स्तर और इसे चुकाने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी, खासकर ICRA की रेटिंग डाउनग्रेड को देखते हुए। निवेशक इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि क्या यूनिट VI से बढ़ी हुई क्षमता और बेहतर मार्जिन कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत कर पाते हैं।
भारतीय पेपर और पैकेजिंग बोर्ड इंडस्ट्री में ITC Ltd., JK Paper Ltd. जैसे कई स्थापित खिलाड़ी हैं, जो क्षमता विस्तार और सस्टेनेबिलिटी (sustainability) पहलों में निवेश कर रहे हैं। N R Agarwal का यह कदम, बड़े और एडवांस्ड (advanced) मल्टीलेयर बोर्ड प्लांट की ओर, इंडस्ट्री के इसी ट्रेंड के अनुरूप है।