Samvardhana Motherson ने दिसंबर 2025 तिमाही के लिए ज़बरदस्त नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू जहां 13.5% बढ़कर ₹31,409.39 करोड़ पर पहुंच गया, वहीं EBITDA में 80% का ज़बरदस्त उछाल देखा गया, जो ₹3,043 करोड़ रहा। इन शानदार आंकड़ों के बाद शेयर में जोरदार तेजी आई है।
ग्रोथ इंजन की दमदार परफॉरमेंस
यह कंपनी का अब तक का सबसे बेहतरीन तिमाही रेवेन्यू (Revenue) रहा। EBITDA मार्जिन भी सुधरकर 9.7% पर पहुंच गया, जो कंपनी की ऑपरेशनल स्ट्रेंथ को दिखाता है। कंपनी का लिवरेज रेश्यो (Leverage Ratio) भी 1.1 गुना पर है, जो बताता है कि बढ़त के लिए फंड की कमी नहीं है। इस दौरान कंपनी ने ₹1,594 करोड़ का कैपेक्स (Capex) भी किया है, जिसका इस्तेमाल स्ट्रैटेजिक एक्सपेंशन के लिए होगा।
नई इंवेस्टमेंट और भविष्य की प्लानिंग
इस कैपेक्स का बड़ा हिस्सा नई ग्रोथ को बढ़ाने पर लगेगा। कंपनी मोरक्को में वायरिंग हार्नेस (Wiring Harness) के लिए और पुणे में विज़न सिस्टम्स (Vision Systems) के लिए दो नए ग्रीनफील्ड (Greenfield) प्रोजेक्ट लगा रही है। ये इन्वेस्टमेंट भविष्य की ग्रोथ के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
$108 अरब का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
सिर्फ मौजूदा नतीजों की बात नहीं है, बल्कि कंपनी का भविष्य का लक्ष्य भी बड़ा है। मैनेजमेंट ने FY30 तक $108 अरब का रेवेन्यू हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य दोहराया है। इस विज़न को पूरा करने के लिए कंपनी के पास मजबूत ऑर्डर बैकलाग (Order Backlog) है और ऑटो सेक्टर में प्रीमियम और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की बढ़ती डिमांड का फायदा उठाने की तैयारी है। ब्रोकरेज हाउस भी इस लक्ष्य को लेकर उत्साहित हैं।
ब्रोकरेज की राय और वैल्यूएशन
Motilal Oswal Financial Services (MOFSL) ने तो FY26 और FY27 के लिए कंपनी के अर्निंग अनुमान बढ़ा दिए हैं और 'Buy' रेटिंग के साथ ₹148 का टारगेट दिया है। Nomura ने भी 'Buy' रेटिंग बनाए रखते हुए टारगेट ₹140 कर दिया है। Nomura का अनुमान है कि Nexans के अधिग्रहण से Q2 FY27 से करीब EUR 760 मिलियन का रेवेन्यू जुड़ जाएगा। फिलहाल, शेयर अपने भविष्य के अर्निंग्स के मुकाबले 28x P/E पर ट्रेड कर रहा है, जो कई ब्रोकरेज को आकर्षक लग रहा है, क्योंकि कॉम्पिटिटर्स 20x से 35x P/E पर ट्रेड करते हैं। Nomura को 19x FY28F EPS पर वैल्यूएशन काफी अट्रैक्टिव लग रहा है।
चुनौतियां और जोखिम
लेकिन, इस बड़ी पिक्चर में कुछ चुनौतियां भी हैं। FY30 तक $108 अरब का रेवेन्यू टारगेट बहुत बड़ा है और इसे हासिल करने के लिए लगातार बेहतरीन एग्जीक्यूशन (Execution) और संभवतः और अधिग्रहण (Acquisition) की ज़रूरत होगी। 9.7% का EBITDA मार्जिन अभी इंडस्ट्री के लीडर्स से कम है, इसलिए इसमें और सुधार की ज़रूरत होगी। इसके अलावा, ग्लोबल मैक्रो इकोनॉमिक अनिश्चितताएं, जैसे जियो-पॉलिटिकल टेंशन (Geopolitical Tensions) और ट्रेड पॉलिसी में बदलाव, सप्लाई चेन और डिमांड को प्रभावित कर सकते हैं।
आगे की राह
कंपनी की स्ट्रेटेजी नए अधिग्रहणों को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट करने और नए प्रोजेक्ट्स को तेज़ी से बढ़ाने पर टिकी है। Nexans जैसे एक्वीजिशन (Acquisition) और ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स को समय पर और कुशलता से पूरा करना लंबी अवधि के लक्ष्यों को पाने के लिए बेहद ज़रूरी होगा। कंपनी प्रीमियम, EV सेगमेंट और एयरोस्पेस व कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे नॉन-ऑटोमोटिव सेक्टर में विस्तार पर भी फोकस कर रही है, जो भविष्य में ग्रोथ के बड़े इंजन साबित हो सकते हैं।