Monolithisch India ने बिहार के नवादा जिले में Quartzite माइनिंग ब्लॉक के लिए 5 साल की लीज हासिल की है। ₹157 करोड़ की यह डील कंपनी के रॉ मटेरियल सप्लाई चेन को मजबूती देगी, जिसके बाद स्टॉक ₹1,505 के 52-वीक हाई पर पहुंच गया है।
माइनिंग से बढ़ेगी ताकत
बिहार के नवादा जिले में सरकारी ई-ऑक्शन के जरिए कंपनी ने यह बड़ा प्रोजेक्ट अपने नाम किया है। इस डील के जरिए कंपनी अब बाजार से कच्चा माल खरीदने के बजाय खुद Quartzite का खनन कर सकेगी। यह मटेरियल 'सिलिका रैमिंग मास' (Silica Ramming Mass) बनाने में इस्तेमाल होता है, जो स्टील फर्नेस (Steel Furnace) के संचालन के लिए बेहद जरूरी है।
ऑपरेशन्स और समय सीमा
कंपनी को इस ब्लॉक से हर साल 710,000 मीट्रिक टन और 5 साल में कुल 3.55 मिलियन मीट्रिक टन खनन की अनुमति मिली है। कंपनी का लक्ष्य इसे अपनी सालाना 576,000 मीट्रिक टन की उत्पादन क्षमता के साथ जोड़ना है। कानूनी मंजूरियों के बाद, कंपनी की योजना 2027 की शुरुआत से कमर्शियल माइनिंग शुरू करने की है।
फाइनेंशियल सेहत और मार्केट रिएक्शन
कंपनी ने Q1 FY27 में ₹47.18 करोड़ का रेवेन्यू और ₹10.07 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इस नीलामी की खबर आते ही निवेशकों में उत्साह दिखा और शेयर ने ₹1,505 का अपना 52-वीक हाई स्तर छू लिया।
निवेशकों के लिए चेतावनी और रिस्क
बैकवर्ड इंटीग्रेशन कंपनी के लिए एक बड़ा कदम है, लेकिन मैन्युफैक्चरर से माइन-ऑपरेटर बनने की राह में कुछ चुनौतियां भी हैं। मंजूरियों में देरी या माइनिंग ऑपरेशन्स में रुकावट से काम प्रभावित हो सकता है। साथ ही, कंपनी का प्रदर्शन सेकेंडरी स्टील सेक्टर की डिमांड पर निर्भर करता है। SME स्टॉक होने के कारण इसमें उतार-चढ़ाव (Volatility) ज्यादा रहने की संभावना है, इसलिए निवेशकों को सरकारी मंजूरी की स्टेटस पर नजर रखनी चाहिए।
