नतीजों में चमकी Mold-Tek Packaging, रेवेन्यू और मुनाफे में जोरदार उछाल
Mold-Tek Packaging Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और पहले नौ महीनों के लिए दमदार फाइनेंशियल नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के सेल्स वॉल्यूम में ईयर-ऑन-ईयर (YoY) 6% का इजाफा हुआ, जबकि EBITDA में 14% की मजबूती आई। वहीं, चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों में कंपनी की सेल्स में 12% की ग्रोथ दर्ज की गई और EBITDA में 20% का जबरदस्त उछाल देखने को मिला। कंपनी की प्रोफिटेबिलिटी में भी सुधार हुआ है, EBITDA प्रति किलोग्राम बढ़कर ₹40.24 हो गया है, जो पिछले साल समान अवधि में ₹37.6 था। मैनेजमेंट का कहना है कि ऑपरेशनल एफिशिएंसी, जैसे कि हैदराबाद की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का कंसॉलिडेशन, लागत नियंत्रण और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने में मदद कर रहा है।
Pharma और Food सेगमेंट से बंपर ग्रोथ की उम्मीद
कंपनी अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी के तहत नए और उभरते सेगमेंट पर जोर दे रही है। फार्मा पैकेजिंग डिवीजन, जो अभी नया है, ने नौ महीनों में करीब ₹25 करोड़ का रेवेन्यू दिया है और पूरे साल के लिए ₹35 करोड़ का लक्ष्य है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि FY27 तक यह सेगमेंट ₹50-55 करोड़ तक पहुंच सकता है, जो कि 40-45% की ग्रोथ को दर्शाता है। यह Mold-Tek को अगले दो से तीन सालों में इस क्षेत्र में एक मजबूत प्लेयर के रूप में स्थापित करेगा। फूड एंड एफएमसीजी सेगमेंट में भी अच्छी रफ्तार दिखी, जिसकी ग्रोथ Q3 FY26 में करीब 11% रही। खासकर, Q-Pack सब-सेगमेंट ने कमाल का प्रदर्शन किया, नौ महीनों में 25% और तीसरी तिमाही में 34% की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की।
पेंट सेगमेंट में तेजी और नई पार्टनरशिप्स
पेंट सेगमेंट में भी बढ़ी हुई रेगुलेटरी कंप्लायंस (रीसाइकल्ड प्लास्टिक नियमों के पालन) के चलते 10.3% की ग्रोथ देखी गई। इसके अलावा, नई पार्टनरशिप्स कंपनी के लिए ग्रोथ के नए रास्ते खोल रही हैं। Swiggy के साथ हुए एक MOU के तहत Mold-Tek अब फूड डिलीवरी इकोसिस्टम के लिए पैकेजिंग प्रोडक्ट्स की सप्लाई करेगी। वहीं, Vibe Generation के साथ पेटेंटेड प्रोडक्ट्स के डेवलपमेंट के लिए एक और MOU पाइपलाइन में है, जिससे आने वाले साल में करोड़ों का रेवेन्यू आने की उम्मीद है।
लुब्रिकेंट्स सेगमेंट में आई गिरावट
हालांकि, कंपनी के लुब्रिकेंट्स सेगमेंट को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। Q3 FY26 में सेल्स वॉल्यूम में 10% की गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण BPCL टेंडर का हाथ से निकल जाना और कम-ग्रेड वाली DEF लुब्रिकेंट्स से रणनीतिक दूरी बनाना रहा। मैनेजमेंट ने यह भी बताया कि लुब्रिकेंट्स, पेंट की तुलना में EBITDA प्रति किलोग्राम के मामले में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन वॉल्यूम की गिरावट चिंता का विषय बनी हुई है।
FY27 तक ₹1000 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य
आगे की राह देखें तो Mold-Tek Packaging ने बड़े लक्ष्य तय किए हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 के अंत तक कंपनी का टॉपलाइन लगभग ₹870 करोड़ रहने का अनुमान है, जबकि EBITDA करीब ₹170 करोड़ और PAT ₹73-75 करोड़ के बीच रहने की उम्मीद है। फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए आउटलुक और भी बेहतर है, जिसमें 12-15% वॉल्यूम ग्रोथ की मदद से रेवेन्यू ₹1,000 करोड़ के पार जाने का अनुमान है, और EBITDA ₹200-210 करोड़ से ऊपर जा सकता है। PAT ग्रोथ लगभग 20% रहने की उम्मीद है। कंपनी की कैपेसिटी यूटिलाइजेशन Q3 FY26 में 62.5% थी, जो Q4 FY26 में 70% से ऊपर जाने और FY27 में इसी स्तर पर बने रहने की उम्मीद है।
फाइनेंसियल स्ट्रेटेजी और मार्जिन सुधार
कंपनी अपनी फाइनेंशियल स्ट्रेटेजी के तहत ROE को बनाए रखने और डेट (कर्ज) को कम करने के लिए डिविडेंड पेआउट को कम कर रही है। FY25 में ₹140 करोड़ और FY26 में करीब ₹120 करोड़ का बड़ा कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) किया गया था, लेकिन FY27 में यह घटकर ₹80-85 करोड़ रहने का अनुमान है, जिसमें फार्मा सेगमेंट के लिए भी कुछ आवंटन होगा। कंपनी के EBITDA प्रति किलोग्राम में सुधार, चाहे वह पेंट/पाइल्स/Q-Packs के लिए ₹30-35 हो, फूड एंड एफएमसीजी के लिए ₹70-80 हो, या फार्मा के लिए ₹120-140 हो, उसके डायवर्सिफाइड प्रोडक्ट मिक्स की प्रॉफिटेबिलिटी क्षमता को दर्शाता है। अन्य खर्चों में 8% की तिमाही-दर-तिमाही कमी आई है, जिसका श्रेय ऑपरेशनल एफिशिएंसी और सोलर पावर को अपनाने को जाता है।
कठोर प्लास्टिक पैकेजिंग सेक्टर में, Mold-Tek Packaging का मुकाबला Huhtamaki India और EPL Limited जैसी कंपनियों से है। Huhtamaki India फूड और बेवरेज पैकेजिंग में एक मजबूत प्लेयर है, जबकि EPL Limited फार्मा और FMCG ट्यूब पैकेजिंग में स्थापित है। Mold-Tek की Pharma और Food/FMCG सेगमेंट में आक्रामक ग्रोथ की रणनीति सीधे तौर पर इन स्थापित खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा करती है।