कम कचरा, बेहतर एफिशिएंसी
पारंपरिक माइनिंग फैब्रिकेशन मेथड्स में अक्सर खराब कटाई, वेल्डिंग और ओवर-इंजीनियरिंग के कारण काफी मैटेरियल बर्बाद होता है। मदर इंडिया फॉर्मिंग (Mother India Forming) के सेल्स एंड मार्केटिंग डायरेक्टर, संतोष वेंकटसुब्बैया बताते हैं कि माइनिंग में स्क्रैप (scrap) एक अंतर्निहित लागत (embedded cost) है। कोल्ड रोल फॉर्मिंग (cold roll forming) इस समस्या को सीधे हल करता है। यह मैटेरियल लॉस (material loss) को कम करता है और सटीक रूप से इंजीनियर किए गए प्रोफाइल्स (precisely engineered profiles) देता है, जिससे कचरा कम होता है।
मज़बूत बनावट, लंबा जीवनकाल
सिर्फ स्क्रैप कम करने के अलावा, ये कोल्ड-रोल्ड कंपोनेंट्स वेल्डेड स्ट्रक्चर्स की तुलना में कहीं बेहतर जंग प्रतिरोधक क्षमता (corrosion resistance) देते हैं। वेल्डेड कंपोनेंट्स के लिए फैब्रिकेशन प्रोसेस अक्सर प्रोटेक्टिव कोटिंग्स को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे उनकी इंटीग्रिटी (integrity) पर असर पड़ता है। कोल्ड रोल फॉर्मिंग, दूसरी ओर, सतह की इंटीग्रिटी (surface integrity) को बनाए रखता है, जिसके परिणामस्वरूप इनका सर्विस लाइफ (service life) लंबा होता है और बार-बार बदलने की ज़रूरत कम पड़ती है।
एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि इन फायदों से रिप्लेसमेंट (replacement) और मेंटेनेंस (maintenance) के खर्चों में 10-20% की कमी आती है। इससे माइनिंग कंपनियों के लिए सुरक्षा में सुधार और ऑपरेशनल डाउनटाइम (operational downtime) में कमी भी आती है, जो कि बेहद महत्वपूर्ण है।
माइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का नया दौर
गुरुक्षेत्र कंसल्टेंसी (Gurukshetra Consultancy) के को-फाउंडर, पवन कौशिक बताते हैं कि माइनिंग कंपनियां अब डिज़ाइन की इनएफिशिएंसी (design inefficiencies) के लाइफसाइकल कॉस्ट (lifecycle cost) को ज़्यादा पहचान रही हैं। कोल्ड रोल फॉर्मिंग जैसे प्रिसिशन-इंजीनियर्ड सिस्टम्स (precision-engineered systems) की ओर बढ़ना सिर्फ एक छोटा बदलाव नहीं, बल्कि एक बड़ा अपग्रेड है।
कौशिक आगे कहते हैं कि माइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का भविष्य कुशल मैटेरियल यूटिलाइजेशन (efficient material utilization) और भरोसेमंद परफॉर्मेंस से तय होगा। कोल्ड-रोल्ड फॉर्मड इंजीनियरिंग (cold-rolled formed engineering) लागत कम करने, ड्यूरेबिलिटी (durability) बढ़ाने और सेक्टर में सस्टेनेबिलिटी (sustainability) के प्रयासों को मजबूत करने में एक अहम फैक्टर बनकर उभर रहा है। हालांकि दुनिया भर में कंस्ट्रक्शन और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर में प्रिसिशन मेटल सॉल्यूशंस (precision metal solutions) ने ग्रोथ देखी है, लेकिन माइनिंग अभी भी इस बदलाव के लिए एक बड़ा क्षेत्र है।
