Millworks Technologies का IPO निवेशकों के बीच जबरदस्त हिट रहा! कंपनी का IPO **193.14** गुना सब्सक्राइब हुआ और अब **21 जुलाई** को BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने के लिए तैयार है। इस IPO से **₹160.34 करोड़** जुटाए गए हैं।
IPO में निवेशकों का उत्साह
Millworks Technologies, जो एक प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी है, 21 जुलाई 2026 को BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने वाली है। कंपनी ने 14 से 16 जुलाई तक चले अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के जरिए ₹160.34 करोड़ जुटाए हैं। कंपनी ने ₹331 प्रति शेयर के भाव पर इश्यू जारी किया था।
इस IPO को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिसके तहत 3.51 मिलियन शेयरों के ऑफर साइज के मुकाबले 679 मिलियन से अधिक शेयरों के लिए बोलियां आईं। कुल मिलाकर, यह इश्यू 193.14 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल निवेशकों की भागीदारी खास तौर पर अहम रही, जहां इस कैटेगरी में 216.46 गुना सब्सक्रिप्शन देखा गया। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) कैटेगरी 194.05 गुना सब्सक्राइब हुई।
फंड का इस्तेमाल और बिज़नेस फोकस
यह कंपनी प्रिसिजन इंजीनियरिंग सेक्टर में काम करती है और डिफेंस, रेलवे और एयरोस्पेस जैसे महत्वपूर्ण उद्योगों के लिए मशीनीकृत कंपोनेंट्स और शीट मेटल पार्ट्स बनाती है। कंपनी के ऑफर डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, 4.84 मिलियन शेयरों के फ्रेश इश्यू से जुटाई गई धनराशि का इस्तेमाल दो मुख्य उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इसमें से लगभग ₹61.03 करोड़ का उपयोग उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए नए प्लांट और मशीनरी खरीदने में होगा, जबकि ₹81.50 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए आवंटित किए गए हैं। बाकी बची राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट खर्चों के लिए किया जाएगा।
SME लिस्टिंग की बारीकियां समझें
निवेशकों को यह जानना महत्वपूर्ण है कि BSE पर SME IPOs के लिए एक विशेष रेगुलेटरी ढांचा है। हालांकि ग्रे मार्केट (Grey Market) में 100% से अधिक के प्रीमियम के संकेत मिल रहे थे, जो निवेशकों के उत्साह को दर्शाते हैं, एक्सचेंज ने SME शेयरों के लिए लिस्टिंग डे प्राइस डिस्कवरी पर 90% की कैप लगाई है। यह नियम छोटे कंपनियों के शुरुआती ट्रेडिंग घंटों के दौरान अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है।
निवेशकों के लिए, लिस्टिंग के बाद सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं को कितनी प्रभावी ढंग से लागू करती है और बढ़ी हुई वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को कुशलतापूर्वक कैसे प्रबंधित करती है। एक प्रिसिजन इंजीनियरिंग फर्म के तौर पर, कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन कच्चे माल की लागत और नई मशीनरी के सफल एकीकरण पर काफी निर्भर करते हैं। इसके अलावा, डिफेंस और एयरोस्पेस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करने के कारण, उच्च गुणवत्ता मानकों को बनाए रखना और बड़े ऑर्डरों के लिए समय-सीमा का पालन करना कंपनी के दीर्घकालिक प्रदर्शन के लिए आवश्यक होगा।
