Microcap Index में शानदार शुरुआत, पर कमाई का गणित थोड़ा पेचीदा
Nifty Microcap 250 Index में मंगलवार को 1.02% की जोरदार तेजी देखने को मिली, जो Nifty 50 के 0.39% के मुकाबले काफी मजबूत प्रदर्शन था। पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में यह इंडेक्स 3.7% चढ़ चुका था। इस रफ़्तार की मुख्य वजह चुनिंदा स्मॉल-कैप कंपनियों के Q3 FY26 के नतीजे रहे, जिन्होंने निवेशकों का भरोसा जीता।
कौन रहे 'स्टार परफॉर्मर'?
इस तेजी के सबसे बड़े नायकों में ISGEC Heavy Engineering का नाम है, जिसके स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में 92% की साल-दर-साल (YoY) बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे कंपनी का मुनाफा ₹112.17 करोड़ पर पहुँच गया। इस खबर के बाद शेयर अपर सर्किट ₹946.25 पर पहुँच गए। कंपनी ने क्षमता विस्तार के लिए ₹350.6 करोड़ के कैपेक्स को भी मंजूरी दी।
Sterlite Technologies (STL) के शेयर 14% उछलकर ₹163.40 के दो साल के उच्च स्तर पर पहुँच गए। इसका कारण YTD FY26 के लिए 40.3% की वृद्धि के साथ ₹4,263 करोड़ का ऑर्डर इनटेक रहा।
Anup Engineering के शेयरों में 10% की तेजी आई, क्योंकि कंपनी ने 15-20% ग्रोथ की गाइडेंस दोहराई और ₹550 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक दिखाया।
Sansera Engineering और Route Mobile के शेयर भी 12% तक मजबूत हुए। Sansera Engineering ने तो रिकॉर्ड तिमाही रेवेन्यू और ईबीआईटीडीए (EBITDA) पेश किया।
पर, हर चमकती चीज सोना नहीं होती!
जहां एक तरफ Microcap Index जोश दिखा रहा है, वहीं अलग-अलग कंपनियों के नतीजों में कई तरह की कहानी नज़र आती है। ISGEC Heavy Engineering का मुनाफा तो बढ़ा, लेकिन पिछले एक साल में इसका शेयर करीब 29% गिर चुका है। इसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹69.78 करोड़ रहा, जो स्टैंडअलोन आंकड़ों से काफी अलग है, यह सब्सिडियरी लेवल पर कुछ चुनौतियों का संकेत दे सकता है।
Sterlite Technologies (STL) ने Q3 FY26 में 26% YoY रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ₹1,257 करोड़ कमाए, लेकिन कंपनी ₹17 करोड़ के नेट लॉस में रही। इसके बावजूद, कंपनी का स्टॉक पिछले 11 ट्रेडिंग दिनों में 89% चढ़ा है। ईबीआईटीडीए मार्जिन 10.3% पर सिमट गया, जिसका कारण अमेरिकी टैरिफ (US Tariff) के दबाव को बताया जा रहा है।
Anup Engineering ने 20.48% YoY की रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ₹206.92 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। लेकिन, मार्जिन पर दबाव और नए लेबर कोड के लागू होने के चलते कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 15.49% घटकर ₹25.53 करोड़ रह गया।
Ceigall India ने 19.3% YoY की बढ़त से ₹9,911.42 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया, लेकिन नेट प्रॉफिट में सिर्फ 2.3% की मामूली बढ़ोतरी दिखी, जो ₹724 मिलियन तक ही पहुँच पाया। इससे मार्जिन पर भारी दबाव साफ नजर आता है।
चिंताजनक आंकड़े और वैल्यूएशन की कहानी
Microcap Index में छाई पॉजिटिविटी के बीच, कुछ कंपनियों के फाइनेंशियल ट्रेंड चिंता बढ़ा रहे हैं। Sterlite Technologies (STL) लगातार नेट लॉस (₹17 करोड़ Q3 FY26) में है, और इसका पी/ई रेशियो (P/E ratio) -162.33 है, जो प्रॉफिटेबिलिटी में बड़ी दिक्कतों का इशारा करता है।
Anup Engineering का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 15.49% गिरा है और ऑपरेटिंग मार्जिन 21.31% पर आ गया है। यह रेवेन्यू ग्रोथ को लगातार प्रॉफिट में बदलने की क्षमता पर सवाल उठाता है।
ISGEC Heavy Engineering का शेयर पिछले साल करीब 30% गिरा है, भले ही प्रॉफिट बढ़ा हो। इसके स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में बड़ा अंतर भी जांच का विषय है।
Ceigall India का PAT ग्रोथ 2.3% ही रहा, जबकि रेवेन्यू खूब बढ़ा। यह 7.30% के PAT मार्जिन को दर्शाता है, जो दबाव को दिखाता है। Hikal का पी/ई रेशियो या तो -103 है या 239.52, जो वैल्यूएशन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
Route Mobile का रेवेन्यू 6.48% घटा, भले ही प्रॉफिट 20% बढ़ा हो। यह टॉप-लाइन ग्रोथ की चुनौती को दिखाता है। Vesuvius और Ajax Engineering जैसे कुछ गेनर्स के Q3 FY26 के नतीजे रिपोर्ट में नहीं मिले, इसलिए उनके प्रदर्शन का पूरा आकलन संभव नहीं है।
भविष्य की राह और एनालिस्ट्स की राय
Anup Engineering के मैनेजमेंट ने FY26 के लिए 15-20% ग्रोथ का भरोसा जताया है। ICICI Securities ने ₹2,535 के टारगेट प्राइस के साथ 'BUY' रेटिंग दी है।
Sterlite Technologies (STL), ऑप्टिकल फाइबर केबल में अपनी पोजीशन मजबूत करने और डेटा सेंटर पोर्टफोलियो को बढ़ाने पर फोकस कर रही है, ताकि टैरिफ की मार को कम किया जा सके।
Sansera Engineering ने जापान की Nichidai Corporation के साथ JV करके एडवांस्ड ऑटोमोटिव कॉम्पोनेंट्स में ग्रोथ के नए अवसर तलाशे हैं।
Route Mobile ने ऑपरेशनल फोकस बढ़ाने और प्रॉफिटेबल ग्रोथ हासिल करने के लिए लीडरशिप में बदलाव किए हैं, और अंतरिम डिविडेंड की घोषणा भी की है।
कुल मिलाकर, Nifty Microcap 250 Index का भविष्य आने वाले नतीजों और मैक्रोइकॉनॉमिक्स पर निर्भर करेगा। निवेशकों की नजरें उन कंपनियों पर रहेंगी जो कंसिस्टेंट प्रॉफिटेबिलिटी और वाजिब वैल्यूएशन दिखाती हैं।