Menon Pistons Limited ने अपने शेयर होल्डर्स के लिए एक अहम पोस्टल बैलट (Postal Ballot) जारी किया है। इस बैलट के जरिए कंपनी दो बड़े मुद्दों पर उनकी मंजूरी मांगेगी: पहला, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) मिस्टर सचिन मेनन का अगला तीन साल का कार्यकाल। और दूसरा, M/s. Menon Exports के साथ सालाना ₹120.75 करोड़ तक के बड़े कारोबारी सौदों को मंजूरी देना।
ये प्रस्तावित सौदे M/s. Menon Exports के साथ होंगे, जिसमें CMD और उनके करीबी रिश्तेदार पार्टनर हैं। कंपनी अगले तीन फाइनेंशियल ईयर (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2029) के लिए ₹120.75 करोड़ प्रति वर्ष की कुल ट्रांजेक्शन लिमिट की मांग कर रही है। इन डील्स में मुख्य रूप से ₹120 करोड़ तक का माल बेचना और ₹0.75 करोड़ तक का किराया शामिल है।
इन सौदों का पैमाना काफी बड़ा है। सालाना ₹120.75 करोड़ की यह लिमिट फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के कंपनी के वार्षिक कंसोलिडेटेड टर्नओवर (Annual Consolidated Turnover) का लगभग 47.60% है, जो कि ₹25,365.96 लाख (लगभग ₹253.66 करोड़) था।
कंपनी का कहना है कि ये सौदे मौजूदा बिजनेस रिलेशनशिप, एक्सपोर्ट्स के लिए कम कंप्लायंस बर्डन, Menon Exports के स्थापित ओवरसीज मार्केट तक पहुंच और कंपनी की प्रॉपर्टीज के बेहतर इस्तेमाल के लिए जरूरी हैं। कंपनी की ऑडिट कमेटी और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इन प्रपोजल्स को पहले ही मंजूरी दे दी है।
ये प्रस्तावित सौदे, जिनमें CMD और उनके रिश्तेदार पार्टनर हैं, तुरंत गवर्नेंस (Governance) से जुड़े सवाल खड़े करते हैं। हितों के टकराव (Conflict of Interest) की आशंका है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि ये सौदे 'आर्म्स लेंथ बेसिस' (Arm's Length Basis) और 'ऑर्डिनरी कोर्स ऑफ बिजनेस' (Ordinary Course of Business) के तहत होंगे, लेकिन टर्नओवर का इतना बड़ा हिस्सा होने के कारण माइनॉरिटी शेयर होल्डर्स को इस पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत होगी।
पारिवारिक रिश्ते सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं हैं। मिस्टर सचिन मेनन, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स Ms. Sharanya Menon और Ms. Devika Menon के पिता हैं। प्रमुख नेतृत्व और निगरानी भूमिकाओं में परिवार के सदस्यों का यह जमावड़ा, बड़े RPTs के साथ मिलकर, एक ऐसे क्लोजली हेल्ड कंट्रोल स्ट्रक्चर (Closely Held Control Structure) को उजागर करता है जिसका निवेशकों को सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना चाहिए।
Menon Pistons की शुरुआत 1977 में हुई थी और यह पिस्टन जैसे ऑटो कंपोनेंट्स बनाती है। मिस्टर सचिन मेनन लंबे समय से कंपनी के CMD रहे हैं, और उनका मौजूदा कार्यकाल 31 जनवरी 2026 तक है। यह पहली बार नहीं है जब इतने बड़े RPTs प्रस्तावित किए गए हों। 2023 की शुरुआत में, शेयर होल्डर्स ने M/s. Menon Exports के साथ ट्रांजेक्शन लिमिट को ₹80 करोड़ से बढ़ाकर ₹110 करोड़ करने की मंजूरी दी थी। मौजूदा प्रस्ताव सालाना लिमिट और अवधि दोनों में और भी बढ़ोतरी दर्शाता है।
निवेशकों के लिए मुख्य जोखिम यह है कि ये ट्रांजेक्शन शायद सभी शेयर होल्डर्स के हित में न हों, खासकर जब परिवार दोनों कंपनियों के मालिक/पार्टनर के रूप में काम कर रहा हो। टर्नओवर का इतना बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर M/s. Menon Exports के फाइनेंशियल हेल्थ और ऑपरेशनल फैसलों को Menon Pistons से जोड़ता है।
शेयर होल्डर्स पोस्टल बैलट के नतीजों पर बारीकी से नजर रखेंगे। हालांकि, कर्नल बसवराज के. कुलोली की तीन साल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Independent Director) के तौर पर नियुक्ति बोर्ड की स्वतंत्रता को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जो इन RPTs की निगरानी के लिए महत्वपूर्ण होगा। कंपनी की पारदर्शिता बनाए रखने और यह साबित करने की क्षमता कि ये ट्रांजेक्शन निष्पक्ष बाजार दरों पर हो रही हैं, निवेशक का विश्वास बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होगी।