Mazagon Dock Shipbuilders ने तमिलनाडु के तूतीकोरिन में अपना प्रस्तावित शिपयार्ड प्रोजेक्ट रद्द कर दिया है। जमीन के विवाद के चलते कंपनी अब अपना पूरा ध्यान आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के बड़े प्रोजेक्ट्स पर लगा रही है।
सरकारी कंपनी Mazagon Dock Shipbuilders ने तूतीकोरिन, तमिलनाडु में शिपयार्ड बनाने का अपना प्लान आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया है। यह फैसला जमीन की उपलब्धता को लेकर हुए विवाद के बाद लिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां की राज्य सरकार ने वह जमीन दक्षिण कोरियाई कंपनी HD Hyundai को देने को प्राथमिकता दी, जिसके चलते Mazagon Dock ने उस क्षेत्र में विस्तार की रणनीति पर दोबारा विचार किया।
नई रणनीति: आंध्र और महाराष्ट्र पर बड़ा दांव
तूतीकोरिन से बाहर निकलने के बाद, कंपनी अब अपना सारा जोर दो नए ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स पर लगा रही है। आंध्र प्रदेश सरकार के साथ हुए समझौते के तहत, कंपनी दुग्गाराजपट्टनम में ₹15,000 करोड़ का शिपयार्ड बनाएगी। इसके साथ ही, महाराष्ट्र के दिघी में ₹27,000 करोड़ के निवेश से एक विशाल शिपबिल्डिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। कुल मिलाकर कंपनी ₹42,000 करोड़ के बड़े निवेश की तैयारी में है, जो भविष्य में कंपनी की क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
शेयरधारकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी इन दोनों बड़े प्रोजेक्ट्स को कितनी तेजी से और किस तरह की लागत के साथ पूरा करती है। इतने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में जमीन अधिग्रहण, सरकारी मंजूरी और एनवायर्नमेंटल क्लीयरेंस जैसी चुनौतियां हमेशा बनी रहती हैं।
मौजूदा दौर में शिपबिल्डिंग सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए, निवेशकों को कंपनी के मैनेजमेंट की अगली कमेंट्री पर नजर रखनी चाहिए कि कैसे ये नए प्रोजेक्ट्स कंपनी के ऑर्डर बुक और बैलेंस शीट को मजबूती देंगे।
