Magnus Steel and Infra के शेयरों में लगातार तीसरे दिन **5%** की जोरदार तेजी देखने को मिली है। कंपनी ने जून तिमाही में **₹2.41 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है। कंपनी अब स्टील ट्रेडिंग और इंफ्रा सप्लाई पर फोकस कर रही है और हाल ही में Tata Motors के साथ एक बड़ा एग्रीमेंट साइन किया है।
Detailed Coverage
नतीजे और बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन
Magnus Steel and Infra के शेयर सोमवार को 5% के अपर सर्किट पर पहुंच गए और BSE पर ₹57.37 पर ट्रेड कर रहे थे। यह लगातार तीसरा ट्रेडिंग सेशन था जब शेयर में तेजी देखी गई, जिससे निवेशकों को पिछले तीन दिनों में कुल 15% का फायदा हुआ है। यह उछाल कंपनी के जून 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजों के बाद आया है।
कंपनी ने जून तिमाही में ₹2.41 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹40 लाख के प्रॉफिट से काफी ज्यादा है। वहीं, कुल आय बढ़कर ₹7.30 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹1.95 करोड़ थी। ये आंकड़े 22 जुलाई को एक्सचेंज फाइलिंग में जारी किए गए थे और कंपनी के बदलते कारोबारी मॉडल को दर्शाते हैं। पहले Magnus Retail Ltd के नाम से आईटी सेक्टर में काम करने वाली इस फर्म ने अब अपना ध्यान स्टील ट्रेडिंग और इंडस्ट्रियल सप्लाई पर केंद्रित कर लिया है।
Tata Motors से हुआ करार
इस बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन का एक अहम हिस्सा Tata Motors के लिए अप्रूव्ड स्टील सप्लायर के तौर पर कंपनी का हालिया पैनलमेंट है। इस करार के तहत, Magnus Steel गुजरात और महाराष्ट्र में ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स के लिए मटेरियल सप्लाई करेगी। यह डील कंपनी को ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को सपोर्ट करने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में एंट्री दिलाती है, जो कि उसके पुराने आईटी सर्विस मॉडल से एक बड़ा बदलाव है।
हालांकि, हालिया नतीजे मजबूत ग्रोथ दिखा रहे हैं, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी अपने इस नए बिजनेस मॉडल के शुरुआती दौर में है। भविष्य का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी इन सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स को बनाए रखने, स्टील मार्केट की कीमतों में उतार-चढ़ाव को संभालने और प्रोजेक्ट्स को बिना लागत बढ़त के पूरा करने में कितनी सफल रहती है। एक छोटी कंपनी होने के नाते, इसके ऑपरेटिंग मार्जिन और कैश फ्लो कच्चे माल की लागत और औद्योगिक ग्राहकों की मांग में बदलावों के प्रति संवेदनशील बने रहेंगे। लगातार ऑर्डर मिलने और इंडस्ट्रियल सप्लाई ऑपरेशंस को बढ़ाने में कंपनी की प्रगति पर नजर रखना लंबी अवधि की स्थिरता को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
