Madhav Marbles and Granites Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जो चिंताजनक हैं।
नतीजों का पूरा विश्लेषण
कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) साल-दर-साल (YoY) 3.6% घटकर ₹660.25 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹685.09 करोड़ था। सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Consolidated Net Loss) पिछले साल के ₹17.46 करोड़ से बढ़कर इस तिमाही में ₹68.94 करोड़ हो गया है।
Standalone बेसिस पर भी तस्वीर कुछ अलग नहीं है। कंपनी का रेवेन्यू 3.6% घटकर ₹660.25 करोड़ रहा, जबकि स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में भारी गिरावट आई है। जहां पिछले साल इसी तिमाही में ₹75.11 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) हुआ था, वहीं इस बार ₹12.73 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया गया है।
9 महीने के आंकड़े:
फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले 9 महीनों (9M FY26) की बात करें तो, कंसोलिडेटेड नेट लॉस बढ़कर ₹174.47 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹42.63 करोड़ था। वहीं, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में 91.8% की भारी गिरावट आई है, जो ₹105.13 करोड़ से घटकर सिर्फ ₹8.68 करोड़ रह गया है।
मुख्य सेगमेंट की हालत खराब
कंपनी के लिए सबसे बड़ा झटका उसके मुख्य Granite & Stone Division से आया है। स्टैंडअलोन आधार पर, इस डिवीजन ने Q3 FY26 में ₹32.22 करोड़ का लॉस बिफोर टैक्स (Loss Before Tax) दर्ज किया, जबकि Q3 FY25 में ₹79.57 करोड़ का प्रॉफिट हुआ था। कंसोलिडेटेड स्तर पर भी इस सेगमेंट ने ₹77.56 करोड़ का लॉस बिफोर टैक्स दिखाया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में ₹36.14 करोड़ का प्रॉफिट था।
हालांकि, पावर जनरेशन यूनिट (Power Generation Unit) ने बेहतर परफॉरमेंस दिखाई है, लेकिन यह ग्रेनाइट सेगमेंट के भारी नुकसान की भरपाई नहीं कर पाया।
मैनेजमेंट का कोई जवाब नहीं
निवेशकों के लिए सबसे चिंताजनक बात यह है कि कंपनी ने नतीजों के साथ भविष्य के लिए कोई मैनेजमेंट गाइडेंस (Management Guidance) या कमेंट्री (Commentary) जारी नहीं की है। इस वजह से यह समझना मुश्किल हो गया है कि कंपनी इस खराब प्रदर्शन से उबरने के लिए क्या रणनीति अपना रही है।