MV Electrosystems ने अपने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। ₹425 के IPO प्राइस से ये शेयर अब **80%** की उछाल के साथ **₹768.60** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, दमदार ऑर्डर बुक के बावजूद कंपनी अभी भी नेट लॉस में चल रही है, जिस पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
बाजार में जबरदस्त हलचल
6 अगस्त, 2026 को लिस्ट हुई MV Electrosystems ने बहुत कम समय में निवेशकों का भरोसा जीता है। पिछले केवल 2 ट्रेडिंग सेशंस में ही स्टॉक 37% भाग चुका है। रेलवे पावर इलेक्ट्रॉनिक्स स्पेस में काम करने वाली इस कंपनी का शेयर अब ₹768.60 के ऑल-टाइम हाई पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके ₹425 के इश्यू प्राइस से 80% ज्यादा है।
क्यों है शेयरों में इतनी डिमांड?
इस तेजी की सबसे बड़ी वजह कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक है, जो ₹921 करोड़ से ₹989 करोड़ के बीच बताई जा रही है। रेलवे सेक्टर में इन ऑर्डर्स के दम पर कंपनी भविष्य में रेवेन्यू बढ़ाने की तैयारी कर रही है। फिलहाल कंपनी अपने प्रोडक्शन को बढ़ाने पर जोर दे रही है। इनका लक्ष्य प्रोपल्शन सेट्स के उत्पादन को 20 यूनिट प्रति माह से बढ़ाकर फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी छमाही तक 50 यूनिट करने का है।
घाटे का गणित और रिस्क फैक्टर
मजबूत ऑर्डर बुक के बावजूद, कंपनी की फाइनेंशियल सेहत अभी भी चिंता का विषय है। जून तिमाही (Q1FY27) में कंपनी को ₹6.89 करोड़ का नेट लॉस हुआ है, जबकि पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 में यह घाटा ₹12.63 करोड़ था। मुनाफा न होने के बावजूद शेयरों में यह तेजी कंपनी के वैल्युएशन को काफी महंगा बना रही है।
प्रमुख हिस्सेदारी और भविष्य
दिग्गज निवेशक माधुरी मधुसूदन केला की कंपनी में 4.22% हिस्सेदारी है, जो मार्केट पार्टिसिपेंट्स के लिए आकर्षण का केंद्र है। कंपनी का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट इसका इन-हाउस डिजाइनिंग है, जिससे इन्हें विदेशी टेक्नोलॉजी पार्टनर्स पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। हालांकि, रेलवे प्रोजेक्ट्स में वर्किंग कैपिटल की जरूरत काफी ज्यादा होती है, जो आने वाले समय में कंपनी के कैश फ्लो पर दबाव डाल सकती है। निवेशकों के लिए अब यह देखना जरूरी होगा कि कंपनी इन ऑर्डर्स को मुनाफे में कब तक बदल पाती है।
