MV Electrosystems IPO: निवेशकों की बंपर डिमांड! आखिरी दिन **15** गुना सब्सक्राइब हुआ इश्यू

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
MV Electrosystems IPO: निवेशकों की बंपर डिमांड! आखिरी दिन **15** गुना सब्सक्राइब हुआ इश्यू

MV Electrosystems का ₹290 करोड़ का IPO, रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की ज़बरदस्त रुचि के चलते, अंतिम दिन **15** गुना सब्सक्राइब हुआ। कंपनी रेलवे के लिए इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट बनाती है और इस फंड का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल और रिसर्च के लिए करेगी। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान देना चाहिए कि कंपनी ने हालिया फाइनेंशियल ईयर में नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है।

IPO में निवेशकों का दिखा जबरदस्त जोश

रेलवे सेक्टर के लिए इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी MV Electrosystems के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया। इश्यू के आखिरी दिन, कंपनी ने 39.87 लाख शेयरों के मुकाबले 6.32 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बिड प्राप्त की, जिससे यह कुल मिलाकर 15 गुना से अधिक सब्सक्राइब हो गया।

किन निवेशकों ने दिखाई सबसे ज्यादा दिलचस्पी?

रिटेल इंडिविजुअल इनवेस्टर्स (Retail Individual Investors) की ओर से इस इश्यू को 43.40 गुना से ज्यादा का सब्सक्रिप्शन मिला, जो कि काफी जोरदार मांग को दर्शाता है। वहीं, हाई नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (High Net-worth Individuals) यानी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (Non-Institutional Investors) सेगमेंट में भी 27.37 गुना की सब्सक्रिप्शन दर देखी गई। यह दिखाता है कि कंपनी के एक्सचेंज पर डेब्यू करने से पहले मार्केट पार्टिसिपेंट्स (Market Participants) में काफी दिलचस्पी है।

फंड का इस्तेमाल और फाइनेंशियल हेल्थ

MV Electrosystems ने अपने IPO का प्राइस बैंड ₹400 से ₹425 प्रति शेयर रखा था, जिसका लक्ष्य ₹290 करोड़ जुटाना था। कंपनी के प्रॉस्पेक्टस (Prospectus) के अनुसार, जुटाए गए फंड का इस्तेमाल लॉन्ग-टर्म वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की जरूरतों को पूरा करने और नए पावर इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को फंड करने के लिए किया जाएगा।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कंपनी ने FY24 और FY25 के बीच रेवेन्यू (Revenue) और नेट प्रॉफिट (Net Profit) में ग्रोथ दिखाई थी, लेकिन FY26 में कंपनी को नेट लॉस (Net Loss) हुआ। यह प्रॉफिटेबिलिटी में बदलाव निवेशकों के लिए एक अहम मीट्रिक (Metric) है, जिस पर नजर रखनी होगी।

ग्रे मार्केट और आगे क्या?

लिस्टिंग से पहले, अनौपचारिक ग्रे मार्केट (Grey Market) में स्टॉक में कुछ हलचल देखी गई, जहां इश्यू प्राइस पर करीब 27% के संभावित गेन (Gain) का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम (Grey Market Premium) एक अनौपचारिक अनुमान है और इससे सावधान रहना चाहिए। इसके अलावा, कंपनी रेलवे इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट के कॉम्पिटिटिव सेक्टर (Competitive Sector) में काम करती है, जहां प्रदर्शन इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च (Infrastructure Spending) और ऑर्डर एग्जीक्यूशन (Order Execution) की गति से जुड़ा होता है। सरकारी अनुबंधों में देरी या कच्चे माल की बढ़ती लागत भविष्य के मार्जिन (Margins) के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।

अलॉटमेंट (Allotment) का फाइनल बेसिस 4 अगस्त, 2026 को फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद, कंपनी के शेयर 6 अगस्त, 2026 को BSE और NSE पर ट्रेड करना शुरू कर देंगे। लिस्टिंग के बाद, निवेशक कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) में वापसी की क्षमता और रिसर्च एंड डेवलपमेंट पहलों के लिए नए जुटाई गई पूंजी के कुशल उपयोग पर नज़र रख सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.