MTAR Technologies ने Q2 FY27 के दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **200%** बढ़कर **₹407 करोड़** पर पहुंच गया है, और अब कंपनी क्लीन एनर्जी व डिफेंस सेक्टर में **₹500 करोड़** का बड़ा निवेश करने जा रही है।
मुनाफे में जोरदार प्रदर्शन
कंपनी ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में शानदार तेजी दिखाई है। साल-दर-साल आधार पर रेवेन्यू में 200% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साथ ही, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹60 करोड़ रहा, जिसमें 24.4% के EBITDA मार्जिन का बड़ा योगदान है। फिलहाल कंपनी के पास ₹5,976.5 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक है, जो आगे की ग्रोथ को लेकर स्पष्ट संकेत देता है।
कर्ज के दम पर बड़ा विस्तार
अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाने के लिए मैनेजमेंट ने ₹500 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान तैयार किया है, जिसमें से ₹400 करोड़ इसी फाइनेंशियल ईयर में खर्च किए जाएंगे। दिलचस्प बात यह है कि इस विस्तार के लिए 75% फंड कर्ज (Debt) के जरिए जुटाया जाएगा। इसके लिए कंपनी ने अपनी कुल उधार लेने की सीमा को ₹800 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,000 करोड़ करने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है। निवेशकों को आने वाले समय में बढ़ते ब्याज खर्च और कैश फ्लो पर नजर रखनी होगी।
क्लाइंट कंसंट्रेशन का रिस्क
हालांकि ग्रोथ आउटलुक मजबूत है, लेकिन कंपनी के लिए एक बड़ा बिजनेस रिस्क 'क्लाइंट कंसंट्रेशन' है। कंपनी के कुल रेवेन्यू का 70% से ज्यादा हिस्सा सिर्फ फ्यूल सेल असेंबली से आता है। यानी एक ही ग्राहक के प्रोग्राम पर कंपनी की भारी निर्भरता है, जिससे भविष्य में रेवेन्यू प्रभावित हो सकता है।
स्ट्रक्चरल बदलाव
ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर बनाने के लिए कंपनी ने अपनी दो सब्सिडियरी कंपनियों—Gee Pee Aerospace and Defence Private Limited और Magnatar Aero Systems Private Limited का पैरेंट कंपनी में मर्जर पूरा कर लिया है, जिसे NCLT हैदराबाद से मंजूरी मिल चुकी है।
