MTAR Technologies के शेयरों में निवेशकों की भारी दिलचस्पी बनी हुई है। कंपनी के शेयर लगातार चौथे दिन अपर सर्किट पर बंद हुए हैं। ऐसा कंपनी की रिकॉर्ड ऑर्डर बुक और शानदार तिमाही नतीजों के बाद हुआ है।
Q1 नतीजों ने मचाया धमाल!
MTAR Technologies ने हाल ही में अपने Q1 FY27 (30 जून 2026 को समाप्त तिमाही) के नतीजे जारी किए हैं, जिन्होंने बाजार को चौंका दिया है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 130.4% बढ़कर ₹360.7 करोड़ हो गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट में तो 364.5% का जबरदस्त उछाल देखा गया और यह ₹50.2 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) में भी 199.7% की वृद्धि के साथ ₹85.1 करोड़ दर्ज किया गया।
रिकॉर्ड ऑर्डर बुक और नई डील
इन शानदार नतीजों के पीछे कंपनी की ₹5,143.3 करोड़ की रिकॉर्ड ऑर्डर बुक का बड़ा हाथ है। 30 जून 2026 तक, कंपनी ने अकेले पहली तिमाही में ही ₹2,895.1 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल किए हैं, जो कि इसके इतिहास में सबसे बड़ी सिंगल-क्वार्टर बुकिंग है। इसमें ₹504 करोड़ का कैगा 5 और 6 न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट के लिए और ₹45 करोड़ का SLB से डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मिला कॉन्ट्रैक्ट शामिल है। इसके अलावा, Thales और GKN Aerospace जैसे एयरोस्पेस क्लाइंट्स से भी वॉल्यूम की मांग बढ़ी है।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी और भविष्य की रणनीति
सिर्फ रेवेन्यू ही नहीं, कंपनी ने अपनी कैपिटल एफिशिएंसी में भी सुधार दिखाया है। नेट वर्किंग कैपिटल डेज़ घटकर 59 दिन रह गए हैं, जो पिछले क्वार्टर में 172 दिन थे। मैनेजमेंट ने FY27 के लिए लगभग 80% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान जताया है और EBITDA मार्जिन 24% रखने का लक्ष्य रखा है। कंपनी न्यूक्लियर, डिफेंस और ग्रीन एनर्जी सेक्टर्स में अपनी पकड़ मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
डेटा सेंटर का बढ़ता बाजार
निवेशकों की नजरें कंपनी के अमेरिकी फर्म Bloom Energy के साथ संबंधों पर भी हैं, जो AI डेटा सेंटर्स में इस्तेमाल होने वाले फ्यूल सेल सॉल्यूशंस बनाती है। Bloom Energy वर्तमान में 1.8 GW के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट की योजना पर काम कर रही है। AI डेटा सेंटर्स की बढ़ती वैश्विक मांग के बीच, MTAR की सप्लाई चेन में भूमिका पर बाजार की पैनी नजर है। हालांकि, कंपनी का ग्रोथ आउटलुक मजबूत दिख रहा है, लेकिन निवेशकों को बड़े ऑर्डर्स के एग्जीक्यूशन पर नजर रखनी होगी और यह देखना होगा कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में नए प्रोजेक्ट्स के स्केल-अप के बीच इन ऊंचे प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख पाती है या नहीं।
