नतीजों का सीधा असर: MRF के शेयर में आई तूफानी तेजी
MRF लिमिटेड के शेयरों में शुक्रवार को जबरदस्त उछाल देखा गया। कंपनी के Q3 FY26 के नतीजों ने निवेशकों को मालामाल कर दिया, जिससे शेयर 10.42% चढ़कर ₹1,49,000 के स्तर पर पहुंच गए। यह पिछले दिन के ₹1,34,933.55 के मुकाबले एक बड़ी छलांग थी। इस तेजी की मुख्य वजह कंपनी का शानदार परफॉरमेंस रहा, जहाँ ₹692 करोड़ का कन्सॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया गया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 119% की जोरदार बढ़ोतरी है। कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस भी 15% की बढ़त के साथ ₹8,050.43 करोड़ पर पहुंच गया।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी का कमाल: EBITDA और मार्जिन में बड़ा उछाल
इस तिमाही में MRF की ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) कमाल की रही। कंपनी के EBITDA में 68% की भारी बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹1,399 करोड़ पर पहुंच गया। इसके चलते कंपनी के मार्जिन में 450 बेसिस पॉइंट का इजाफा हुआ और यह 17.4% तक पहुँच गया। यह शानदार प्रदर्शन एक बार के ₹77.2 करोड़ के लेबर कोड से जुड़े खर्च के बावजूद हासिल किया गया। डोमेस्टिक ऑटोमोबाइल सेल्स में 17.6% की बढ़ोतरी ने भी रेवेन्यू बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पिछले क्वार्टर की तुलना में, मुनाफे में 31.6% और रेवेन्यू में 9.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो कंपनी की लगातार तरक्की को दर्शाता है। शेयर का वॉल्यूम भी एवरेज से 10 गुना से ज़्यादा बढ़ गया, जो बाजार की मजबूत दिलचस्पी का संकेत है।
वैल्यूएशन पर सवाल: पीयर्स के मुकाबले प्रीमियम पर MRF
जहां एक ओर MRF के नतीजों ने धूम मचा दी है, वहीं शेयर के वैल्यूएशन (Valuation) पर भी गौर करना जरूरी है। MRF का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings ratio) लगभग 30.87x है, जो अपने प्रमुख पीयर्स (Peers) जैसे JK Tyre (जो 28.33x पर है), CEAT (25.21x पर) और Apollo Tyres (22.08x पर) के मुकाबले काफी प्रीमियम है। कंपनी की मार्केट कैप करीब ₹57,000-₹58,000 करोड़ के आसपास है। शेयर के सरकने से पहले, RSI (Relative Strength Index) 32-38 के जोन में था, जो न्यूट्रल या हल्के ओवरसोल्ड जोन का इशारा दे रहा था।
एनालिस्ट्स की राय और सेक्टर की चुनौतियां
नतीजे शानदार होने के बावजूद, ज्यादातर एनालिस्ट्स MRF पर 'Sell' रेटिंग बनाए हुए हैं। उनका एवरेज 12-महीने का प्राइस टारगेट पिछली क्लोजिंग प्राइस से कुछ ऊपर जाने की गुंजाइश दिखाता है। भारतीय ऑटो सेक्टर के 2026 तक 6-8% तक बढ़ने के अनुमान के बावजूद, टायर इंडस्ट्री को रॉ मैटेरियल (जैसे नेचुरल रबर) की बढ़ती कीमतों से जूझना पड़ रहा है। एनालिस्ट्स का मानना है कि इससे चालू फाइनेंशियल ईयर में ऑपरेटिंग मार्जिन 200-400 बेसिस पॉइंट तक प्रभावित हो सकते हैं।
लॉन्ग-टर्म परफॉरमेंस और भविष्य की झलक
MRF के शेयर ने पिछले 10 सालों में निवेशकों को 330% से ज्यादा का रिटर्न दिया है, और इस साल भी यह 30% की बढ़त दिखा चुका है। यह परफॉरमेंस पिछले साल की Q3 FY25 के नतीजों से बिलकुल उलट है, जब कंपनी को 34.5% के प्रॉफिट फॉल का सामना करना पड़ा था। कंपनी के बोर्ड ने ₹3 प्रति शेयर के दूसरे अंतरिम डिविडेंड को भी मंजूरी दी है, जो कंपनी के विश्वास को दर्शाता है।