MIDHANI का स्वदेशी पर जोर, पर रेगुलेटरी जुर्माने से निवेशकों की चिंता

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
MIDHANI का स्वदेशी पर जोर, पर रेगुलेटरी जुर्माने से निवेशकों की चिंता

Mishra Dhatu Nigam (MIDHANI) के CMD, SVS Narayana Murty ने हाई-परफॉरमेंस मटेरियल के मामले में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की वकालत की है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में **₹1,208.6 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है, लेकिन मार्जिन पर दबाव और रेगुलेटरी पेनल्टी ने शेयरहोल्डर्स की टेंशन बढ़ा दी है।

आत्मनिर्भरता का विजन

MIDHANI के CMD, SVS Narayana Murty ने हाल ही में ICAMPS-2026 कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत में ही हाई-परफॉरमेंस मटेरियल के प्रोडक्शन पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि डिफेंस, एयरोस्पेस और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे सेक्टरों के लिए इंपोर्ट पर निर्भरता कम करना बेहद जरूरी है। इसके लिए उन्होंने एकेडमिक रिसर्च और इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन के बीच बेहतर तालमेल की मांग की है।

फाइनेंशियल परफॉरमेंस और चुनौतियां

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 13% की ग्रोथ के साथ ₹1,208.6 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है, जबकि नेट प्रॉफिट ₹130.8 करोड़ रहा है। हालांकि, निकेल, कोबाल्ट और मोलिब्डेनम जैसे रॉ मटेरियल की बढ़ती कीमतों ने कंपनी के मार्जिन पर काफी दबाव बनाया है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।

रेगुलेटरी पचड़ा

कंपनी के लिए एक और बड़ी मुसीबत अगस्त 2026 में आई, जब NSE और BSE ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के नियमों का पालन न करने के कारण ₹12,59,060 का जुर्माना लगाया। यह घटना गवर्नेंस स्टैंडर्ड्स पर सवाल खड़े करती है, जिस पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।

आगे का रास्ता

रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाली यह कंपनी सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर टिकी है। अब सभी की निगाहें 30 सितंबर, 2026 को होने वाली 12वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर हैं। साथ ही, 23 सितंबर, 2026 को डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट तय की गई है। कंपनी की भविष्य की चाल रॉ मटेरियल की लागत को मैनेज करने और बोर्ड से जुड़ी अनुपालना (Compliance) की शर्तों को पूरा करने पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.