MCMIL Share Price: 9 महीनों में 241% उछला मुनाफा, कंपनी के भविष्य के प्लान्स ने भरी उड़ान

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
MCMIL Share Price: 9 महीनों में 241% उछला मुनाफा, कंपनी के भविष्य के प्लान्स ने भरी उड़ान
Overview

Manaksia Coated Metals (MCMIL) के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने 9 महीने के लिए शानदार नतीजे घोषित किए हैं, जिसमें नेट प्रॉफिट में **241%** का जबरदस्त उछाल और रेवेन्यू में **15%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

9M FY26 के शानदार नतीजे

Manaksia Coated Metals & Industries (MCMIL) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों (9M FY26) में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी की कुल आय (Total Income) पिछले साल की तुलना में 15.13% बढ़कर ₹667.52 करोड़ हो गई। वहीं, EBITDA में 66.90% का उछाल आया और यह ₹76.57 करोड़ पर पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 356 बेसिस पॉइंट (bps) सुधरकर 11.47% हो गया।

इस अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट तो तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ा, जो 241.25% की शानदार बढ़ोतरी के साथ ₹35.32 करोड़ रहा। नेट प्रॉफिट मार्जिन 350 bps बढ़कर 5.29% हो गया। प्रति शेयर आय (EPS) भी 151.07% बढ़कर ₹3.49 दर्ज की गई।

Q3 FY26: शटडाउन के बावजूद मजबूती

फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में, प्लांट में टेक्नोलॉजी अपग्रेड के लिए किए गए नियोजित शटडाउन के कारण कुल आय में 8.62% की गिरावट आई और यह ₹189.90 करोड़ रही। हालांकि, इसके बावजूद कंपनी ने मजबूती दिखाई। नेट प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में 46.68% बढ़कर ₹7.35 करोड़ रहा, और EBITDA मार्जिन 144 bps सुधरकर 9.73% पर आ गया। यह दिखाता है कि अस्थायी रुकावट के बावजूद कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार हुआ है।

भविष्य की ग्रोथ: टेक अपग्रेड और नई क्षमताएं

MCMIL अपनी ऑपरेशनल क्षमता और उत्पादन क्षमता को लगातार बेहतर बना रहा है। कंपनी ने दिसंबर 2025 में अपनी कंटीन्यूअस गैल्वेनाइजिंग लाइन को एल्यूमीनियम-जिंक (Alu-Zinc) कोटिंग टेक्नोलॉजी में अपग्रेड किया है, जिसका कमर्शियल प्रोडक्शन अब शुरू हो गया है। इस अपग्रेड के साथ, MCMIL भारत के उन चुनिंदा प्रोड्यूसर्स में शामिल हो गया है जो 100% Alu-Zinc क्षमता रखते हैं, जिससे जंग-रोधी (corrosion-resistant) मैटेरियल्स की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सकेगा।

भविष्य की ग्रोथ को और बढ़ाने के लिए, कंपनी एक दूसरी कलर कोटिंग लाइन के लिए कॉन्ट्रैक्ट भी दे चुकी है। इस विस्तार के फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) तक शुरू होने की उम्मीद है। इससे कुल कलर कोटिंग क्षमता में 174% का बड़ा इजाफा होगा और यह 2,36,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) तक पहुंच जाएगी। इसके अलावा, गुजरात में 7 मेगावाट (MW) का एक कैप्टिव सोलर पावर प्रोजेक्ट भी Q1 FY27 में शुरू होने वाला है, जिससे बिजली की लागत में अनुमानित 30-35% तक की कमी आने की उम्मीद है।

कर्ज घटाने और निर्यात पर फोकस

कंपनी के पास लगभग ₹350 करोड़ का एक्सपोर्ट ऑर्डर बुक है। पीक डोमेस्टिक डिमांड सीजन के साथ मिलकर, यह कंपनी के लिए एक मजबूत निकट-अवधि का आउटलुक प्रदान करता है। मैनेजमेंट कर्ज कम करने (deleveraging) पर पूरा ध्यान दे रहा है, और फाइनेंशियल ईयर 2026 के अंत तक नेट डेट टू EBITDA रेशियो को 1x से नीचे लाने का लक्ष्य है, जो फाइनेंशियल ईयर 2025 में 1.93x था।

आगे की राह और जोखिम

हालांकि Q3 FY26 में प्लांट शटडाउन ने अस्थायी रूप से रेवेन्यू को प्रभावित किया, यह एक रणनीतिक निवेश था। आने वाले समय में कलर कोटिंग लाइन के विस्तार और सोलर प्रोजेक्ट के सुचारू कार्यान्वयन के साथ-साथ इनपुट कॉस्ट और ग्लोबल स्टील कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे प्रमुख जोखिमों का प्रबंधन करना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा। लेकिन, बढ़ी हुई क्षमताएं, मजबूत निर्यात पाइपलाइन और फाइनेंशियल ईयर 2027 तक वॉल्यूम, बिक्री और मार्जिन में अपेक्षित सुधार के कारण कंपनी का आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है।

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