Lumino Industries IPO: ₹78-82 प्राइस बैंड के साथ ₹700 करोड़ जुटाने की तैयारी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Lumino Industries IPO: ₹78-82 प्राइस बैंड के साथ ₹700 करोड़ जुटाने की तैयारी

Lumino Industries ने अपने ₹700 करोड़ के IPO के लिए ₹78 से ₹82 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह IPO 27 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से कर्ज चुकाने और कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) के लिए करना चाहती है।

Lumino Industries IPO: प्राइस बैंड और सब्सक्रिप्शन डेट

कंडक्टर और पावर केबल बनाने वाली कंपनी Lumino Industries ने अपने आगामी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए प्राइस बैंड की घोषणा कर दी है। कंपनी ₹78 से ₹82 प्रति शेयर की रेंज में शेयर जारी करेगी। इस IPO के जरिए कंपनी कुल ₹700 करोड़ जुटाएगी। इसमें ₹500 करोड़ के फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) और प्रमोटर्स द्वारा ₹200 करोड़ के ऑफर-फॉर-सेल (Offer-for-Sale) शामिल हैं। पब्लिक के लिए सब्सक्रिप्शन विंडो 27 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक खुली रहेगी, और शेयर 3 सितंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होने की उम्मीद है।

दमदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस और ऑर्डर बुक

मार्च 2026 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के लिए, कंपनी ने ₹160 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹124.6 करोड़ से काफी ज्यादा है। रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) भी बढ़कर ₹2,041 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की तुलना में 6.4% की सालाना बढ़ोतरी दिखाता है। मार्च 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक ₹3,149.8 करोड़ थी, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹2,436.2 करोड़ की तुलना में अच्छी ग्रोथ दर्शाती है। यह बैकलॉग भविष्य के रेवेन्यू के लिए एक अच्छी विजिबिलिटी प्रदान करता है।

कर्ज घटाने और कैपिटल का इस्तेमाल

IPO से जुटाई गई रकम का एक बड़ा हिस्सा कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करने में इस्तेमाल होगा। फ्रेश इश्यू से प्राप्त राशि में से ₹337 करोड़ का उपयोग कंपनी अपने मौजूदा लोन चुकाने के लिए करेगी। लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी पर कुल ₹1,856.7 करोड़ का कर्ज था। इस कर्ज को कम करने से कंपनी का इंटरेस्ट खर्च (Interest Burden) घटेगा, जिससे भविष्य में मुनाफा बढ़ सकता है। इसके अलावा, ₹15 करोड़ उपकरण खरीदने और फैसिलिटी डेवलपमेंट के लिए रखे गए हैं, और बाकी रकम का उपयोग जनरल कॉर्पोरेट पर्पज (General Corporate Purposes) के लिए किया जाएगा।

जोखिम और सेक्टर कंसर्न

मजबूत ऑर्डर बुक के बावजूद, निवेशकों को कुछ ऑपरेशनल जोखिमों पर ध्यान देना चाहिए। Lumino Industries ऐसे बिजनेस में है जिसमें काफी वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की जरूरत होती है, यानी इन्वेंटरी और ग्राहकों से पेमेंट का इंतजार करने में बड़ी मात्रा में नकदी फंसी रहती है। इसके अलावा, कंपनी क्लाइंट कॉन्संट्रेशन रिस्क (Client Concentration Risk) का सामना करती है, क्योंकि यह अपने रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा Kalpataru Projects International और Jackson जैसे कुछ चुनिंदा बड़े ग्राहकों पर निर्भर करती है।

पावर केबल और कंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में होने के नाते, कंपनी सरकारी नीतियों और पावर सेक्टर में सरकारी खर्चों के प्रति संवेदनशील है। सरकारी प्रोजेक्ट क्लीयरेंस में देरी या पावर इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च में बदलाव से डिमांड पर असर पड़ सकता है। साथ ही, एल्यूमीनियम, स्टील और कॉपर जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं। कंपनी की सफलता लागतों को मैनेज करने और मौजूदा ऑर्डर बुक को समय पर पूरा करने की उसकी क्षमता पर निर्भर करेगी। निवेशक 27 अगस्त से सब्सक्रिप्शन ट्रेंड पर नजर रख सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.