मुनाफे में 'लॉर्ड्स मार्क', पर बोर्डरूम में उथल-पुथल!
Lord's Mark Industries के लिए तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे काफी दमदार रहे। कंपनी ने ₹128.73 मिलियन का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में हुए ₹6.5 मिलियन के घाटे से एक बड़ा बदलाव दिखाता है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू ₹1,860.44 मिलियन रहा। पिछले नौ महीनों (Nine Months FY26) की बात करें तो नेट प्रॉफिट ₹107.67 मिलियन रहा है।
एक साथ 4 बड़े इस्तीफे: CFO और डायरेक्टर भी शामिल
हालांकि, इस मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बीच, कंपनी के लिए एक बड़ी खबर यह है कि बोर्ड ने चार प्रमुख अधिकारियों के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है। इनमें चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) श्री मुरलीधरन पाया पिशारम (Mr. Muralidharan Pazhaya Pisharam), होल-टाइम डायरेक्टर श्री राजेश रघुनाथ पवार (Mr. Rajesh Raghunath Pawar), नॉन-एग्जीक्यूटिव वुमन डायरेक्टर श्रीमती फ़िरोज़ा पांडे (Mrs. Feroza Panday), और नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर श्री निकेत नायक (Mr. Niket Naik) शामिल हैं। बोर्ड ने 27 फरवरी 2026 को इन इस्तीफों को व्यक्तिगत और पेशेवर प्रतिबद्धताओं के कारण स्वीकार किया।
देरी से जानकारी देने पर सफाई
कंपनी ने यह भी स्वीकार किया कि इन इस्तीफों की जानकारी देने में प्रशासनिक कारणों से थोड़ी देरी हुई, लेकिन आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी देरी नहीं होगी।
आगे क्या?
CFO और डायरेक्टर स्तर के इतने बड़े अधिकारियों का एक साथ इस्तीफा, कंपनी के मैनेजमेंट की स्थिरता पर सवाल खड़े करता है, खासकर ऐसे समय में जब कंपनी वित्तीय रूप से पटरी पर लौट रही है। Lord's Mark Industries, जो हेल्थकेयर, पेपर और सोलर सॉल्यूशंस जैसे विविध क्षेत्रों में काम करती है, हाल ही में एक प्री-पैकेज्ड इंसॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (PPIRP) और अमाल्गमेशन से गुजरी है। यह इस्तीफे व्यक्तिगत कारणों से हुए हैं, लेकिन इन्वेस्टर निश्चित रूप से कंपनी के गवर्नेंस और भविष्य की रणनीति पर बारीकी से नजर रखेंगे। अब कंपनी को इन महत्वपूर्ण पदों को जल्द से जल्द भरने की जरूरत होगी ताकि कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे।
