Lord’s Mark Industries ने डेट-फ्री ट्रांसफॉर्मर निर्माता Radio Electric Private Limited का अधिग्रहण किया है। इस डील के जरिए कंपनी अब सीधे तौर पर रेलवे और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अपने कारोबार को तेजी से विस्तार देगी।
कारोबार विस्तार की नई रणनीति
Lord’s Mark Industries ने Radio Electric को खरीदकर पावर-कंट्रोल सॉल्यूशंस के बाजार में बड़ी एंट्री मारी है। इस डील से न केवल 'Radiotone' जैसा पुराना और विश्वसनीय ब्रांड कंपनी के पोर्टफोलियो का हिस्सा बना है, बल्कि कंपनी को 90 साल का इंजीनियरिंग अनुभव भी हासिल हुआ है। सबसे बड़ी बात यह है कि Radio Electric एक पूरी तरह से डेट-फ्री (Debt-free) कंपनी है, जो Lord’s Mark की बैलेंस शीट के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है।
क्लाइंट्स और मौजूदा नेटवर्क
Radio Electric का मौजूदा क्लाइंट बेस काफी मजबूत है, जिसमें Siemens, Larsen & Toubro और Bharat Bijlee जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। Lord’s Mark इस रिलेशनशिप का इस्तेमाल अपने प्रोडक्ट्स को क्रॉस-सेल करने के लिए करेगी। इसके अलावा, कंपनी का 7 देशों में फैला एक्सपोर्ट नेटवर्क अब North America और Middle East जैसे नए बाजारों में विस्तार का जरिया बनेगा।
ऑपरेशनल क्षमता पर फोकस
मैनेजमेंट का पूरा जोर अब प्लांट की एफिशिएंसी बढ़ाने पर है। अभी यह फैक्ट्री अपनी कुल क्षमता के केवल 50% पर ही काम कर रही है। नई योजना के तहत, कंपनी शिफ्ट्स की संख्या बढ़ाकर और सेल्स प्रोसेस को अपडेट करके इस उत्पादन क्षमता को काफी ऊपर ले जाना चाहती है।
रिस्क मैनेजमेंट और ट्रांजिशन
लीडरशिप बदलाव के दौरान तकनीकी गुणवत्ता बनी रहे, इसके लिए कंपनी ने पूर्व मालिक उमेश मराठे को 1 साल के लिए कंसल्टेंट के तौर पर साथ रखा है। निवेशकों के लिए अब देखने वाली बात यह होगी कि कंपनी कितनी तेजी से अपनी उत्पादन क्षमता को स्केल कर पाती है और पुरानी मैन्युफैक्चरिंग कल्चर को अपने नए टेक-ड्रिवेन बिजनेस मॉडल के साथ कैसे जोड़ती है।
