Lohia Corp ने अपने ₹1,102 करोड़ के IPO से पहले 27 एंकर निवेशकों से ₹492 करोड़ जुटा लिए हैं। यह इश्यू 23 जुलाई को खुलेगा और यह पूरी तरह से प्रमोटर्स की ओर से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) है। निवेशकों को यह ध्यान देना चाहिए कि इस IPO से कंपनी को कोई फंड नहीं मिलेगा, बल्कि यह सीधे बेचने वाले शेयरधारकों को जाएगा।
Detailed Coverage
एंकर बुक में ₹492 करोड़ का निवेश
कानपुर स्थित टेक्निकल टेक्सटाइल्स मशीनरी बनाने वाली कंपनी Lohia Corp ने अपने पब्लिक इश्यू से पहले एंकर बुक में ₹492.11 करोड़ की राशि पक्की कर ली है। यह पैसा 27 संस्थागत निवेशकों से आया है। कंपनी का ₹1,102 करोड़ का IPO 23 जुलाई को आम निवेशकों के लिए खुलेगा, जिसमें शेयर का प्राइस बैंड ₹404 से ₹425 के बीच तय किया गया है।
IPO का स्ट्रक्चर और प्रमोटर्स को फायदा
इस IPO में कुल 2.59 करोड़ इक्विटी शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल है। OFS का मतलब है कि मौजूदा शेयरधारक, इस मामले में लोहिया परिवार, अपने शेयर पब्लिक को बेच रहे हैं। इस वजह से, IPO से प्राप्त होने वाली कोई भी राशि सीधे Lohia Corp कंपनी को नहीं मिलेगी। इसके बजाय, इश्यू से जुड़े खर्चों को काटने के बाद यह पैसा प्रमोटर्स को जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि यह IPO कंपनी के विस्तार, कर्ज घटाने या वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए सीधे तौर पर कोई फंड नहीं देगा।
एंकर निवेशकों की भागीदारी
एंकर राउंड में कई ग्लोबल और डोमेस्टिक फाइनेंशियल संस्थानों ने हिस्सा लिया। इनमें Nomura Singapore, Citigroup और Societe Generale जैसे प्रमुख नाम शामिल थे। डोमेस्टिक निवेशकों में भी काफी दिलचस्पी दिखी, जिसमें ICICI Prudential AMC, Nippon Life India, SBI Life Insurance, Tata AIA Life Insurance और Motilal Oswal AMC जैसे बड़े म्यूचुअल फंड्स और लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों ने अलॉटमेंट हासिल किया। कंपनी ने इन निवेशकों को प्राइस बैंड के ऊपरी छोर पर 1.15 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित किए, जो कंपनी के खास बिजनेस मॉडल में संस्थागत रुचि को दर्शाता है।
कंपनी का बिजनेस और मार्केट पोजीशन
Lohia Corp टेक्निकल टेक्सटाइल्स सेक्टर में काम करती है। यह मुख्य रूप से पॉलीप्रोपाइलीन और हाई-डेंसिटी पॉलीथीन (HDPE) से बने बुने हुए फैब्रिक्स और बोरियों, जिन्हें आमतौर पर राफिया (Raffia) कहा जाता है, के उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण बनाती है। कंपनी की ग्लोबल मौजूदगी है और इसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स भारत, अमेरिका और इटली में स्थित हैं। मार्च 2026 तक की स्थिति के अनुसार, कंपनी के पास 240 टेप एक्सट्रूज़न लाइनें और 13,800 सर्कुलर लूम का बड़ा प्रोडक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर था।
हालांकि कंपनी डोमेस्टिक वोवन राफिया मशीनरी सेगमेंट में मजबूत पकड़ रखती है, लेकिन निवेशकों को इन स्पेशलाइज्ड मशीनों की भविष्य की डिमांड ट्रेंड्स पर नजर रखनी चाहिए। मशीनरी सेक्टर अक्सर औद्योगिक और पैकेजिंग की मांग से जुड़ा होता है, जो ग्लोबल इकोनॉमिक कंडीशंस के आधार पर बदल सकता है। इसके अलावा, कई देशों में कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस होने के कारण, यह करेंसी के उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के प्रति संवेदनशील हो सकती है। निवेशकों को यह ट्रैक करना चाहिए कि कंपनी अपने ऑर्डर बुक को कैसे बनाए रखती है और क्या वह प्रतिस्पर्धी औद्योगिक सामानों के माहौल में अपनी मैन्युफैक्चरिंग दक्षता को बनाए रख सकती है, खासकर जब वह एक पब्लिकली ट्रेडेड कंपनी बनने की ओर बढ़ रही है।
