Lloyds Engineering Works: ₹613 Cr का Mega Order और LICL मर्जर, कंपनी रॉकेट बनने को तैयार!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Lloyds Engineering Works: ₹613 Cr का Mega Order और LICL मर्जर, कंपनी रॉकेट बनने को तैयार!
Overview

Lloyds Engineering Works (LEWL) के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने Q3 और 9MFY26 के लिए दमदार कंसोलिडेटेड रिजल्ट्स पेश किए हैं, जिसमें रेवेन्यू में **2.34%** की बढ़ोतरी और EBITDA में **44.39%** की शानदार उछाल देखी गई है। साथ ही, कंपनी अपने एसोसिएट LICL के साथ मर्जर करने जा रही है, जिससे एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म बनेगा। LEWL ने SAIL से **₹613 करोड़** का एक बड़ा स्टील ऑर्डर भी हासिल किया है।

📉 नतीजे क्या कहते हैं?

Lloyds Engineering Works Limited (LEWL) ने हाल ही में Q3 और 9MFY26 के अपने नतीजे जारी किए हैं, जो कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी को दर्शाते हैं।

कंसोलिडेटेड परफॉर्मेंस (Consolidated Performance):

  • Q3FY26 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 2.34% बढ़कर ₹272.45 करोड़ रहा।

  • वहीं, EBITDA में शानदार 44.39% की बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹76.99 करोड़ तक पहुंच गया। मार्जिन भी मजबूत 25.96% पर रहा।

  • 9MFY26 की बात करें तो, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 31.34% का जोरदार उछाल आया और यह ₹806.12 करोड़ रहा।

  • EBITDA में 43.44% की जबरदस्त ग्रोथ के साथ यह ₹169.12 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि मार्जिन 19.96% रहा।

  • 9MFY26 का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 36.33% बढ़कर ₹116.55 करोड़ हो गया।
स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस (Standalone Performance):
  • हालांकि, स्टैंडअलोन लेवल पर Q3FY26 में रेवेन्यू 3.38% घटकर ₹221.96 करोड़ रहा।

  • EBITDA भी 5.59% गिरकर ₹46.13 करोड़ पर आ गया, लेकिन मार्जिन 19.91% पर बना रहा।

  • 9MFY26 में स्टैंडअलोन रेवेन्यू 10.93% बढ़कर ₹640.36 करोड़ हुआ और EBITDA 9.60% बढ़कर ₹124.33 करोड़ रहा।

  • 9MFY26 का स्टैंडअलोन PAT 4.25% घटकर ₹79.33 करोड़ पर आया।

🚀 आगे की राह: मर्जर, एक्विजिशन और बड़े ऑर्डर

LEWL एक बड़ी ट्रांसफॉर्मेशन की ओर बढ़ रहा है।

  • LICL के साथ मर्जर: कंपनी अपने एसोसिएट LICL के साथ मर्जर की घोषणा कर चुकी है। इसका मकसद एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म तैयार करना है। 9MFY26 के प्रो-फॉर्मा (Pro-forma) आंकड़ों के अनुसार, संयुक्त रेवेन्यू ₹2,189.10 करोड़ और ऑर्डर बुक ₹6,630.23 करोड़ (31 दिसंबर 2025 तक) है।

  • SAIL से मेगा ऑर्डर: LEWL ने Q3FY26 में SAIL – IISCO Steel Plant से ₹613 करोड़ प्लस €18 मिलियन का एक बड़ा कंसोर्टियम ऑर्डर जीता है। यह भारी इंजीनियरिंग और स्टील सेक्टर में कंपनी की क्षमता का प्रमाण है।

  • एक्विजिशन और पार्टनरशिप: कंपनी Bhilai Engineering Corporation Limited (BECL) के इंजीनियरिंग एसेट्स का अधिग्रहण कर रही है। इसके अलावा, FlyFocus (पोलैंड) के साथ FPV ड्रोन/UAV सिस्टम के लिए और EPS Gen 4 टेक्नोलॉजी के कमर्शियलाइजेशन के लिए भी पार्टनरशिप की गई है, जो नए-युग के इंजीनियरिंग समाधानों में कंपनी के विस्तार को दर्शाता है।

🏦 बैलेंस शीट और रेश्योज़

H1FY26 के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स के अनुसार, टोटल एसेट्स में 86.3% की भारी वृद्धि हुई, जिसका मुख्य कारण फिक्स्ड एसेट्स में 86.9% का इजाफा और इन्वेंट्री में 178.9% की जबरदस्त बढ़ोतरी है। टोटल इक्विटी 80.9% बढ़ी।

FY25 में कंसोलिडेटेड रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (RoCE) गज़ब का 99.72% रहा, लेकिन इसी अवधि में कंसोलिडेटेड रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) घटकर 4.5% रह गया। इन्वेंट्री का इतना बड़ा जमावड़ा वर्किंग कैपिटल एफिशिएंसी को ट्रैक करने की जरूरत बताता है।

🚩 भविष्य की उम्मीदें और जोखिम

मैनेजमेंट ने FY26 के लिए रेवेन्यू का महत्वाकांक्षी लक्ष्य ₹3,000 करोड़ से अधिक रखा है, जो FY25 के ₹755.78 करोड़ के मुकाबले चार गुना है। इसके लिए 15-18% EBITDA मार्जिन का अनुमान लगाया गया है।

जहां एक ओर कंसोलिडेटेड परफॉर्मेंस और रणनीतिक पहलें (जैसे मर्जर और एक्विजिशन) अच्छी दिख रही हैं, वहीं स्टैंडअलोन फाइनेंशियल में गिरावट और इन्वेंट्री का बढ़ना अल्पकालिक चुनौतियां पेश करते हैं। इतना बड़ा रेवेन्यू टारगेट ऑर्गेनिक ग्रोथ प्लान्स का सफल एग्जीक्यूशन, अधिग्रहीत एसेट्स का सही इंटीग्रेशन और लगातार ऑर्डर मिलने पर निर्भर करेगा। निवेशकों की नजर LEWL की क्षमता पर होगी कि वह अपने मजबूत RoCE को बेहतर RoE में कैसे बदल पाता है और अपने विस्तारित बैलेंस शीट को प्रभावी ढंग से कैसे मैनेज करता है।

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