दमदार नतीजे: Q3 FY26 में Lloyds Engineering की शानदार परफॉरमेंस
Lloyds Engineering Works Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही और नौ महीनों (31 दिसंबर, 2025 को समाप्त) के लिए अपने शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने कंसोलिडेटेड स्तर पर जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है, खासकर प्रॉफिटेबिलिटी में.
क्या रहे नंबर्स?
- कंसोलिडेटेड परफॉरमेंस (Q3 FY26): कंपनी का रेवेन्यू ₹316.66 करोड़ रहा, जो कि एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी है। वहीं, शेयरधारकों को मिलने वाला प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 193% बढ़कर ₹61.03 करोड़ पर पहुंच गया।
- कंसोलिडेटेड परफॉरमेंस (9M FY26): फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों में, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 806.12 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹613.78 करोड़ से 31.3% अधिक है। PAT में तो और भी बड़ी उछाल देखी गई, जो 193.1% बढ़कर ₹143.05 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹48.8 करोड़ था।
- स्टैंडअलोन परफॉरमेंस (9M FY26): स्टैंडअलोन आधार पर, नौ महीनों का रेवेन्यू ₹640.36 करोड़ रहा और PAT ₹79.33 करोड़ दर्ज किया गया।
स्ट्रैटेजिक मूव्स और मजबूत ऑर्डर बुक
कंपनी की मजबूत वित्तीय सेहत को उसके स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स की तरफ से मिली 'अनक्वालिफाइड रिपोर्ट' से भी बल मिलता है, जो नतीजों की सच्चाई बताती है। कंसोलिडेटेड लेवल पर PAT में यह भारी उछाल कंपनी द्वारा की गई रणनीतिक कॉरपोरेट पहलों का नतीजा है। Lloyds Engineering ने एक्वीजीशन के जरिए ग्रोथ को तेजी से आगे बढ़ाया है। कंपनी ने Metalfab Hightech Private Limited में 76% हिस्सेदारी ₹28.41 करोड़ में और Techno Industries Private Limited में और हिस्सेदारी ₹25 करोड़ और ₹22.70 करोड़ में खरीदने की मंजूरी दी है, जिसका लक्ष्य उन्हें पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी बनाना है। इसके अलावा, बोर्ड ने Lloyds Infrastructure & Construction Limited और Metalfab Hightech Private Limited के मर्जर स्कीम का ड्राफ्ट भी अप्रूव कर दिया है।
आगे की राह
31 दिसंबर, 2025 तक, कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक ₹2,011.22 करोड़ पर मजबूत स्थिति में है। वहीं, एसोसिएट कंपनी, Lloyds Infrastructure and Construction Limited के पास ₹4,619.01 करोड़ का एक बड़ा ऑर्डर बुक है। नतीजों की चमक और ग्रोथ की रणनीतियों के बावजूद, मैनेजमेंट की ओर से कोई खास फॉरवर्ड-लुकिंग गाइडेंस या एनालिस्ट की उम्मीदों का जिक्र नहीं है। ऐसे में, निवेशकों को एक्वीजीशन के सफल इंटीग्रेशन और प्रस्तावित मर्जर पर बारीकी से नज़र रखनी होगी।
