Linde India के शेयरों में आज **2.04%** की जोरदार उछाल देखी गई, जो **₹7,123.00** पर बंद हुए। यह तेजी ऐसे समय में आई है जब कंपनी **10 अगस्त** को अपने जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है।
Linde India की शेयर बाजार में रफ्तार
4 अगस्त 2026 को Linde India के शेयर ₹7,123.00 के स्तर पर कारोबार करते दिखे, जिसमें 2.04% की बढ़त दर्ज की गई। यह तेजी Nifty Midcap 150 इंडेक्स में स्टॉक को एक अहम खिलाड़ी के तौर पर स्थापित करती है। यह उछाल कंपनी के बोर्ड मीटिंग से ठीक पहले आई है, जो 10 अगस्त 2026 को होने वाली है। इस मीटिंग में जून 2026 को समाप्त होने वाली तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी।
नतीजों पर निवेशकों की नजर
हाल के दिनों में कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) और प्रॉफिट (Profit) में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹614.33 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही से 12.4% कम था। इसी अवधि में नेट प्रॉफिट ₹76.82 करोड़ रहा, जो दिसंबर 2025 की तिमाही से कम था। सितंबर 2025 तिमाही में प्रॉफिट ₹169.01 करोड़ के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद बाद की तिमाहियों में इसमें गिरावट आई थी।
हालांकि, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी की तस्वीर कुछ बेहतर है। इस साल Linde India का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹2,530.64 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 1.8% की मामूली रिकवरी दिखाता है। सबसे खास बात यह है कि फाइनेंशियल ईयर 2026 में नेट प्रॉफिट 10.2% बढ़कर ₹493.48 करोड़ हो गया, जो 2024 के बाद से जारी रिकवरी ट्रेंड को दर्शाता है।
मजबूत बैलेंस शीट और डिविडेंड
निवेशकों के लिए कंपनी का डेट-फ्री होना एक बड़ी राहत है, यानी कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है। इससे कंपनी को आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में लचीलापन मिलता है। मार्च 2026 तक शेयर की बुक वैल्यू बढ़कर ₹500.28 हो गई है।
प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) के मोर्चे पर भी सुधार हुआ है, मार्च 2026 तक ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन बढ़कर 36.64% हो गया, जो पिछले साल 33.51% था। इसके अलावा, शेयरधारकों को जल्द ही डिविडेंड (Dividend) भी मिलेगा। कंपनी ने हाल ही में ₹4.00 का फाइनल डिविडेंड और ₹8.00 का स्पेशल डिविडेंड प्रति शेयर घोषित किया है, जो 6 अगस्त 2026 से प्रभावी होंगे।
अब जबकि कंपनी अपने अगले नतीजों की घोषणा करने वाली है, निवेशकों की मुख्य नजर इस बात पर रहेगी कि क्या वह तिमाही रेवेन्यू को स्थिर कर पाएगी और अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख पाएगी। इंडस्ट्रियल गैसों की भविष्य की मांग और कैपिटल स्पेंडिंग योजनाओं पर मैनेजमेंट की टिप्पणी स्टॉक की लंबी अवधि की दिशा के लिए महत्वपूर्ण होगी।
