Laser Power & Infra Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! IPO कीमत से 26% ऊपर लिस्ट हुआ शेयर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Laser Power & Infra Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! IPO कीमत से 26% ऊपर लिस्ट हुआ शेयर

Laser Power & Infra के निवेशकों के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। कंपनी के शेयर आज BSE पर ₹260 के भाव पर लिस्ट हुए, जो कि IPO की ₹214 की कीमत से 26% ज्यादा है। इस शानदार शुरुआत के पीछे कंपनी के सफल IPO की कहानी है, जिसे निवेशकों ने करीब 39 गुना सब्सक्राइब किया था।

लिस्टिंग पर ही निवेशकों को मिला बंपर रिटर्न

Laser Power & Infra ने शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री की है। आज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी के शेयर ₹260 पर खुले, जो कि इसके ₹214 के IPO प्राइस से करीब 26% ज्यादा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर भी शेयर ₹250 के स्तर पर खुले, जो कि एक मजबूत शुरुआत का संकेत है।

मार्केट कैप और वैल्यूएशन

BSE के आंकड़ों के मुताबिक, लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹3,775.91 करोड़ तक पहुंच गया। ग्रे मार्केट (Grey Market) में चल रहे अनुमानों से यह प्रदर्शन कहीं बेहतर रहा, जहां करीब 20% से 21% के प्रीमियम का अनुमान लगाया जा रहा था। कंपनी इंटीग्रेटेड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करती है, जहां बड़े प्रोजेक्ट्स और उनके सफल एग्जीक्यूशन का प्रदर्शन पर असर पड़ता है। IPO में शेयर पाने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के दिन ही अच्छा मुनाफा हुआ है।

IPO सब्सक्रिप्शन और शेयरहोल्डर स्ट्रक्चर

13 जुलाई 2026 को बंद हुए इस IPO में निवेशकों ने खूब दिलचस्पी दिखाई थी। ओवरऑल इश्यू 38.94 गुना सब्सक्राइब हुआ। संस्थागत निवेशकों (QIB) ने इसमें सबसे ज्यादा रुचि दिखाई और उनका हिस्सा 92.25 गुना भरा। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) ने 43.34 गुना और रिटेल निवेशकों ने 6.59 गुना सब्सक्रिप्शन दिया। इस ₹742 करोड़ के IPO में ₹542 करोड़ के फ्रेश इश्यू और प्रमोटर्स दीपक गोयल, राखी गोयल और देवश गोयल द्वारा ₹200 करोड़ के ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल थे।

निवेशकों के लिए आगे क्या?

अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी फ्रेश इश्यू से जुटाए ₹542 करोड़ का इस्तेमाल कैसे करती है। कंपनी के मौजूदा ऑर्डर बुक पर प्रगति और नए पावर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने की क्षमता पर नजर रखनी होगी। पावर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कैपिटल-इंटेंसिव बिजनेस में, निवेशकों को कंपनी के कर्ज के स्तर और वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट पर भी ध्यान देना चाहिए। कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव या प्रोजेक्ट में देरी जैसी संभावित चुनौतियों से निपटना कंपनी के लिए लंबी अवधि में लिस्टिंग-डे की तेजी बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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