Laser Power & Infra के शेयरों में निवेशकों को जबरदस्त मुनाफा हो रहा है। IPO में लिस्टिंग के बाद लगातार दूसरे दिन, यानी 17 जुलाई 2026 को, स्टॉक **10%** के अपर सर्किट पर जा पहुंचा। बाजार में लिस्टिंग के बाद से ही इस स्टॉक पर खूब खरीदारी देखने को मिल रही है, खासकर म्यूचुअल फंड और बड़े संस्थानों की ओर से।
IPO में शानदार परफॉरमेंस के बाद तेजी जारी
Laser Power & Infra Ltd (LPI) के शेयर 17 जुलाई 2026 को स्टॉक एक्सचेंज पर 10% की अपर सर्किट लिमिट पर पहुंच गए। यह तेजी कंपनी के मार्केट में सफल डेब्यू के ठीक अगले दिन देखने को मिली, जहां कंपनी ने इश्यू प्राइस ₹214 से 22% से ज़्यादा के प्रीमियम पर क्लोजिंग दी थी।
बड़े निवेशकों का भरोसा
इस तूफानी तेजी की मुख्य वजह बड़े निवेशकों (Institutional Investors) की खरीदारी है। एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, Buoyant Opportunities Strategy ने कंपनी में ₹53.80 करोड़ का निवेश किया है। वहीं, बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड और निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने क्रमशः ₹24.84 करोड़ और ₹44.22 करोड़ के शेयर खरीदे हैं। लिस्टिंग से पहले भी 3P और SageOne जैसे बड़े निवेशकों ने एंकर राउंड में पैसा लगाया था।
₹742 करोड़ जुटाए, कर्ज़ घटाने पर फोकस
Laser Power & Infra का ₹742 करोड़ का IPO 38.94 गुना से ज़्यादा सब्सक्राइब हुआ था, जो निवेशकों की तगड़ी डिमांड को दिखाता है। IPO में ₹542 करोड़ का फ्रेश इश्यू और प्रमोटर्स की ओर से ₹200 करोड़ का ऑफर-फॉर-सेल शामिल था। कंपनी इस जुटाए गए फंड का लगभग ₹490 करोड़ अपने मौजूदा कर्ज़ (Debt) को चुकाने या प्री-पेमेंट में इस्तेमाल करेगी। कर्ज़ कम करके कंपनी अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करना चाहती है और ब्याज के खर्चों को घटाना चाहती है।
बिज़नेस मॉडल और भविष्य की राह
Laser Power & Infra पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सॉल्यूशंस, जैसे पावर केबल, कंडक्टर और एल्युमिनियम वायर रॉड बनाने का काम करती है। EPC सेगमेंट में होने के कारण, कंपनी का प्रदर्शन भारत में पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले खर्च और विद्युतीकरण (Electrification) प्रोजेक्ट्स की डिमांड से जुड़ा है। ₹3,689.58 करोड़ के मार्केट कैप के साथ, कंपनी अब अपनी मजबूत एंट्री के बाद उम्मीदों पर खरा उतरने की चुनौती के लिए तैयार है। निवेशक अब कंपनी के कर्ज़ घटाने के प्लान और प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की क्षमता पर बारीकी से नज़र रखेंगे।
