Larsen & Toubro का बड़ा कदम: 'मेक इन इंडिया' को देगा बूस्ट, शुरू किया नया इलेक्ट्रॉनिक्स यूनिट

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Larsen & Toubro का बड़ा कदम: 'मेक इन इंडिया' को देगा बूस्ट, शुरू किया नया इलेक्ट्रॉनिक्स यूनिट
Overview

Larsen & Toubro ने अपने कोयमबटूर (Coimbatore) कैंपस से एक बड़ा कदम उठाते हुए L&T इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स एंड सिस्टम्स (LTEPS) नाम से एक नया इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स वेंचर लॉन्च किया है। यह कदम हाई-ग्रोथ टेक सेगमेंट और भारत के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल है।

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L&T का इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स में दमदार डेब्यू

इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Larsen & Toubro (L&T) ने अब इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स के B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस) सेगमेंट में अपनी पैठ बनाई है। कंपनी ने तमिलनाडु के कोयमबटूर (Coimbatore) स्थित अपने परिसर से L&T इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स एंड सिस्टम्स (LTEPS) का शुभारंभ किया है। यह नई इकाई रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) से लेकर प्रोडक्ट डिजाइन, कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और वैलिडेशन तक, पूरे इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन को कवर करेगी। इसका लक्ष्य डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों क्लाइंट्स को सेवा देना है।

'लक्ष्य 2031' रणनीति को मिलेगा बल

इस लॉन्च के साथ, L&T अपनी 'लक्ष्य 2031' रणनीति के तहत टेक्नोलॉजी में लीडरशिप बढ़ाने और भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दे रही है। कंपनी पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमेशन और मोबिलिटी जैसे हाई-ग्रोथ सेगमेंट्स पर फोकस कर रही है। यह पहल एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है। L&T का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹5.57 लाख करोड़ है, और इसके शेयर ₹4011-₹4054 के दायरे में ट्रेड कर रहे हैं। अप्रैल 2026 तक इसका P/E रेशियो 29.4x से 38.0x के बीच रहा है, जो निवेशकों का भरोसा दर्शाता है। दो शुरुआती मैन्युफैक्चरिंग लाइनों का सीधा लॉन्च इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज की बढ़ती मांग को पूरा करेगा।

भारत के बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट का फायदा

भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और उम्मीद है कि 2030 तक यह USD 610 बिलियन को पार कर जाएगा। 'प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI)' जैसी सरकारी योजनाओं से इसे और बढ़ावा मिल रहा है। अकेले इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) मार्केट के 2030 तक USD 155 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। LTEPS, L&T की ईपीसी (EPC) विशेषज्ञता का लाभ उठाकर इस बढ़ते बाजार में अपनी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए तैयार है। हालांकि Tata Electronics, Foxconn और Samsung जैसे बड़े खिलाड़ी भी इस क्षेत्र में हैं, L&T का फोकस इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स पर है। कंपनी डिफेंस, ग्रीन एनर्जी और डेटा सेंटरों में भी विविधीकरण (Diversification) पर काम कर रही है।

कॉम्पिटिटिव माहौल में आगे बढ़ने की चुनौती

इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स सर्विसेज का क्षेत्र काफी प्रतिस्पर्धी है, जिसमें Dixon Technologies और Kaynes Technology जैसी घरेलू कंपनियां और Reliance जैसे बड़े ग्रुप्स भी मौजूद हैं। LTEPS की सफलता एग्जीक्यूशन और कॉस्ट मैनेजमेंट पर निर्भर करेगी, ताकि इस सेगमेंट में मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव से बचा जा सके। विश्लेषकों का मानना है कि L&T का मौजूदा P/E रेशियो, 10 साल के मीडियन से ऊपर है, जो बाजार की ग्रोथ उम्मीदों को दर्शाता है। कंपनी को जटिल सप्लाई चेन, तेजी से बदलते टेक्नोलॉजी और कड़ी प्राइस कंपटीशन से निपटना होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.