शेयरधारकों को तोहफा, पर मुनाफे पर लगी लगाम
Larsen & Toubro (L&T) ने अपने शेयरधारकों को खुश करते हुए अपने इतिहास का सबसे बड़ा डिविडेंड (Dividend) देने का ऐलान किया है। शेयरधारकों की मंजूरी के बाद कंपनी ₹38 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) देगी। यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब कंपनी की चौथी तिमाही में नेट प्रॉफिट में 3% की गिरावट देखी गई है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹5,497 करोड़ था, जो इस बार घटकर ₹5,326 करोड़ रह गया।
रेवेन्यू बढ़ा, पर मार्जिन सिकुड़े
कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में 11% की अच्छी बढ़ोतरी हुई और यह ₹82,762 करोड़ पर पहुंच गया। लेकिन, बढ़ती बिक्री के बावजूद मुनाफा (Profit) उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ा। इसका मुख्य कारण EBITDA मार्जिन का 11.0% से घटकर 10.4% हो जाना है। इसका सीधा मतलब है कि कंपनी की लागत बढ़ गई है या फिर कीमतों पर दबाव है, जिससे हर रुपये की बिक्री पर होने वाला लाभ कम हो गया है।
नए CFO की नियुक्ति और शेयर का प्रदर्शन
इसी बीच, L&T ने पी रामकृष्नन (P Ramkrishnan) को अपना नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है। नतीजों के बाद, शेयर बाजार में L&T के शेयर 1.13% लुढ़क गए और निफ्टी 50 (Nifty 50) के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन किया।
वैल्युएशन और एनालिस्ट्स की राय
L&T का मौजूदा प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो लगभग 33-34x है, जो भारतीय कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री (Indian Construction Industry) के औसत 16.5x के मुकाबले काफी ज्यादा है। यह प्रीमियम वैल्युएशन (Valuation) कंपनी की भविष्य की ग्रोथ को लेकर ऊंची उम्मीदों को दर्शाता है। हालांकि, हालिया नतीजे, खासकर मार्जिन में आई कमी, इस बात पर सवाल खड़े करते हैं कि क्या L&T उम्मीदों के मुताबिक मुनाफा कमा पाएगी। इसके बावजूद, ज्यादातर एनालिस्ट्स (Analysts) ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और ₹4,495 के आसपास का 12-महीने का टारगेट प्राइस दिया है।
चुनौतियां और जोखिम
मजबूत रेवेन्यू और रिकॉर्ड डिविडेंड (Dividend) के बावजूद, L&T को कुछ स्ट्रक्चरल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी चिंता मार्जिन में गिरावट है। कंपनी का बड़ा मिडिल ईस्ट (Middle East) ऑर्डर बुक जियो-पॉलिटिकल (Geopolitical) और एग्जीक्यूशन (Execution) रिस्क के साथ आता है। कंपनी अपनी वित्तीय सेहत सुधारने के लिए हैदराबाद मेट्रो (Hyderabad Metro) जैसे एसेट्स बेच रही है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि बढ़ती लागत और प्रतिस्पर्धा के बीच L&T अपने ऊंचे वैल्युएशन (Valuation) को कैसे बनाए रखेगी और मुनाफे में सुधार कैसे करेगी।
