Larsen & Toubro (L&T) ने पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में बड़ी सफलता हासिल की है। कंपनी को भारत और खाड़ी देशों से कुल **₹10,000 करोड़** से **₹15,000 करोड़** तक के नए प्रोजेक्ट्स मिले हैं, जो रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेंगे।
बड़े प्रोजेक्ट्स की नई सौगात
Larsen & Toubro (L&T) के पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस को मिली यह कामयाबी कंपनी की ऑर्डर बुक के लिए एक बड़ा बूस्ट है। यह कॉन्ट्रैक्ट्स भारत के साथ-साथ सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में पावर ग्रिड को आधुनिक बनाने और रिन्यूएबल एनर्जी को ग्रिड से जोड़ने के लिए हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी का शेयर फिलहाल ₹3,733.40 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय और घरेलू विस्तार
सऊदी अरब में कंपनी 380 kV की ट्रांसमिशन लाइन और सबस्टेशन का काम संभालेगी। वहीं, UAE में 132/11 kV के सबस्टेशन और उससे जुड़ी केबलिंग का काम पूरा किया जाएगा। भारत की बात करें तो विशाखापत्तनम में एक प्राइवेट डेवलपर के लिए ट्रांसमिशन सिस्टम लगाने का जिम्मा भी L&T को मिला है।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
इन्वेस्टर्स के लिए यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि ये ऑर्डर भविष्य में कंपनी की रेवेन्यू विजिबिलिटी को तय करते हैं। मिडिल ईस्ट और भारत जैसे अलग-अलग बाजारों में काम मिलने से कंपनी का भौगोलिक रिस्क कम होता है। हालांकि, इतने बड़े और जटिल प्रोजेक्ट्स में मार्जिन पर दबाव का रिस्क हमेशा रहता है। कच्चा माल (Raw Material) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और इंटरनेशनल लॉजिस्टिक्स का सही तालमेल कंपनी के मुनाफे को प्रभावित कर सकता है। अब बाजार की नजरें इस पर होंगी कि कंपनी समयसीमा के भीतर और तय बजट में इन प्रोजेक्ट्स को कैसे पूरा करती है।
