L&T Share Price: इंफ्रा दिग्गज को मिले बड़े सरकारी प्रोजेक्ट, दिल्ली और अमरावती में बदलेगी तस्वीर

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
L&T Share Price: इंफ्रा दिग्गज को मिले बड़े सरकारी प्रोजेक्ट, दिल्ली और अमरावती में बदलेगी तस्वीर

Larsen & Toubro (L&T) ने एक साथ दो बड़े सरकारी कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए हैं। इन प्रोजेक्ट्स की कुल वैल्यू **₹2,500 करोड़ से ₹5,000 करोड़** के बीच बताई जा रही है, जो कंपनी के ऑर्डर बुक को और मजबूत करेंगे।

दिल्ली और अमरावती का बड़ा दांव

इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन दिग्गज Larsen & Toubro (L&T) ने सरकारी इंफ्रा स्पेस में अपना दबदबा फिर कायम किया है। कंपनी को सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) की तरफ से दिल्ली में कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट की बिल्डिंग नंबर 4 और 5 बनाने का जिम्मा मिला है। कर्तव्य पथ के पास स्थित इस प्रोजेक्ट का बिल्ट-अप एरिया 32.8 लाख स्क्वायर फीट है। इस काम को 24 महीने के भीतर पूरा करने का सख्त लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद 5 साल का ऑपरेशन और मेंटेनेंस पीरियड भी शामिल है।

दूसरी ओर, आंध्र प्रदेश सरकार ने अमरावती में ट्विन ऑफिस टावर्स बनाने के लिए L&T पर भरोसा जताया है। यह प्रोजेक्ट और भी विशाल है, जिसका बिल्ट-अप एरिया 37.5 लाख स्क्वायर फीट है। इसमें 47 फ्लोर वाले दो टावर बनाए जाएंगे।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

ये नए ऑर्डर कंपनी के भविष्य के रेवेन्यू के लिए तो अच्छे संकेत हैं, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं। 24 से 30 महीने का टाइमलाइन काफी एंबिशियस है। अगर प्रोजेक्ट में देरी होती है, तो इसकी सीधी मार ऑपरेटिंग मार्जिन्स पर पड़ सकती है।

हालांकि केंद्र सरकार के पेमेंट ट्रैक रिकॉर्ड बेहतर रहे हैं, लेकिन निवेशकों को राज्य स्तर के प्रोजेक्ट्स में होने वाली देरी और एडमिनिस्ट्रेटिव बदलावों पर नजर रखने की जरूरत होगी। अब देखना यह होगा कि कंपनी कितनी कुशलता से अपनी वर्किंग कैपिटल साइकिल को मैनेज करती है और इन जटिल प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा में पूरा करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.