L&T Share: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! मिलीं बड़ी डील्स, ₹7.33 लाख करोड़ पार पहुंचा ऑर्डर बुक

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
L&T Share: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! मिलीं बड़ी डील्स, ₹7.33 लाख करोड़ पार पहुंचा ऑर्डर बुक
Overview

Larsen & Toubro (L&T) के पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (PT&D) वर्टिकल ने देश और विदेश दोनों जगह से कई बड़ी EPC डील्स हासिल की हैं। इन नए ऑर्डर्स के दम पर कंपनी का ऑर्डर बुक **₹7.33 लाख करोड़** के पार जा पहुंचा है, और शेयर अपने **52-हफ्ते** के हाई के करीब कारोबार कर रहा है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

पावर ट्रांसमिशन में L&T का जलवा!

Larsen & Toubro (L&T) के पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (PT&D) वर्टिकल ने अपनी ग्लोबल पकड़ को और मजबूत किया है। कंपनी को घरेलू स्तर पर 220 kV तक के गैस इंसुलेटेड सबस्टेशन और मिडिल ईस्ट में 500 kV तक के जटिल प्रोजेक्ट्स, जिनमें अंडरग्राउंड केबलिंग भी शामिल है, के लिए कई बड़े EPC ऑर्डर मिले हैं। इन अंतर्राष्ट्रीय जीतों से कंपनी का ऑर्डर बुक 31 दिसंबर, 2025 तक ₹7.33 लाख करोड़ से अधिक हो गया है, जो भविष्य की कमाई का एक मजबूत संकेत है। शेयर में भी इसका सकारात्मक असर दिख रहा है और यह अपने 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गया है।

क्यों है यह डील इतनी खास?

ये रणनीतिक ऑर्डर L&T को ग्लोबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ते क्षेत्र में सबसे आगे रखते हैं। भारत में, पश्चिम बंगाल जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली नेटवर्क को आधुनिक बनाने और वोल्टेज को स्थिर रखने के लिए ये प्रोजेक्ट्स महत्वपूर्ण हैं। वहीं, मिडिल ईस्ट के मल्टी-कंट्री कॉन्ट्रैक्ट्स, जिनमें जटिल हाई-वोल्टेज सबस्टेशन और ट्रांसमिशन लाइनें शामिल हैं, इस क्षेत्र की स्मार्ट ग्रिड और आधुनिकीकरण की योजनाओं के अनुरूप हैं। उदाहरण के लिए, अकेले सऊदी अरब 2025-2030 के बीच पावर ग्रिड को अपग्रेड करने पर $58.7 बिलियन खर्च करने वाला है, जबकि MENA क्षेत्र 2027 तक स्मार्ट ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर में $17.6 बिलियन का निवेश कर सकता है। भारत का पावर सेक्टर भी 2032 तक जेनरेशन, ट्रांसमिशन और स्टोरेज के लिए करीब ₹4.5 ट्रिलियन (लगभग $54 बिलियन USD) के भारी निवेश के लिए तैयार है। ऐसे में L&T के PT&D सेगमेंट को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, Adani Energy Solutions जैसे प्रतिस्पर्धी भी ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स जीत रहे हैं, L&T के कॉन्ट्रैक्ट्स अक्सर अधिक जटिल और बड़े पैमाने पर होते हैं, जो इसकी तकनीकी लीडरशिप को दर्शाते हैं। कंपनी का मार्केट कैप ₹5.93 लाख करोड़ से अधिक है, लेकिन इसका P/E रेश्यो 34-42x के बीच चल रहा है, जो ऐतिहासिक औसत से थोड़ा अधिक है। यह दिखाता है कि बाजार कंपनी की ग्रोथ को लेकर काफी उम्मीदें लगाए हुए है।

क्या हैं जोखिम?

मजबूत ऑर्डर बुक और सकारात्मक आउटलुक के बावजूद, L&T का बढ़ा हुआ P/E रेश्यो (लगभग 34-42x) बताता है कि बाजार ने भविष्य की ग्रोथ को काफी हद तक कीमत में शामिल कर लिया है। यदि ग्रोथ उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, तो शेयर पर दबाव आ सकता है। बड़े और जटिल EPC प्रोजेक्ट्स, खासकर अलग-अलग देशों में, निष्पादन (execution) और लागत बढ़ने के जोखिमों के साथ आते हैं। L&T का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है, लेकिन Adani Energy Solutions जैसे खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। इसके अलावा, किसी भी वैश्विक आर्थिक मंदी या भू-राजनीतिक अस्थिरता से भविष्य की बड़ी परियोजनाओं के पाइपलाइन पर असर पड़ सकता है, जिससे प्रोजेक्ट्स में देरी या रद्दीकरण का खतरा हो सकता है।

भविष्य की राह

विश्लेषकों का नजरिया फिलहाल काफी हद तक सकारात्मक है। ज्यादातर 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं और औसत प्राइस टारगेट मौजूदा स्तरों से लगभग 6.55% के संभावित उछाल का संकेत दे रहा है। कंपनी की विस्तार योजनाएं, कैपिटल एक्सपेंडिचर और ऊर्जा परिवर्तन (energy transition) व इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए सरकारी नीतियां, इसे निरंतर ग्रोथ के लिए अच्छी स्थिति में रखती हैं। PT&D सेगमेंट, इन नई जीतों और मजबूत सेक्टर ट्रेंड्स के सहारे, L&T की भविष्य की कमाई और लाभप्रदता में महत्वपूर्ण योगदान देने की उम्मीद है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.