Union Budget 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट पर सरकार के फोकस का सीधा असर Larsen & Toubro (L&T) जैसे दिग्गज इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनियों पर दिख रहा है। बजट में पेश किए गए ₹12.2 लाख करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) के लक्ष्य ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, जिससे L&T के शेयर में 3% से अधिक की उछाल आई है।
बजट का बूस्टर डोज
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में साफ कर दिया कि सरकार का जोर बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने पर है। वित्त वर्ष 2027 के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का capex, पिछले साल के ₹11.21 लाख करोड़ से 9% की बढ़ोतरी दिखाता है। यह सीधा संकेत है कि सरकार देश के विकास को गति देने के लिए खर्च बढ़ाने वाली है।
L&T के शेयर में लौटी रौनक
इस बजट घोषणा के बाद, L&T के शेयर 2 फरवरी 2026 को 3% से ज्यादा चढ़कर दिन के उच्चतम स्तर ₹3,934.80 पर पहुंच गए। हालिया गिरावट से उबरकर स्टॉक ने यह तेजी हासिल की है। मार्केट का यह पॉजिटिव रिएक्शन बजट की उन नीतियों के कारण है जो इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित हैं। सरकार का ₹12.2 लाख करोड़ का अनुमानित खर्च, L&T जैसी कंपनियों के लिए एक स्पष्ट डिमांड सिग्नल है, जो बड़े प्रोजेक्ट्स को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस दिन शेयर का ट्रेड वैल्यू ₹35,086 लाख से ऊपर रहा, जो निवेशकों की जबरदस्त रुचि को दर्शाता है।
नतीजों और भविष्य की राह
यूनियन बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित ग्रोथ, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और मैन्युफैक्चरिंग हब पर जोर दिया गया है, जिससे इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर के लिए एक अनुकूल माहौल बनने की उम्मीद है। बजट में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, नए राष्ट्रीय जलमार्गों का विकास और सिटी इकोनॉमिक रीजन्स (CERs) की स्थापना जैसी पहलों के लिए भी फंड आवंटित किए गए हैं। L&T, जो EPC, डिफेंस और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में काम करती है, इन पहलों से सीधे तौर पर लाभान्वित हो सकती है।
हाल ही में L&T ने दिसंबर 2025 में समाप्त तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी किए थे, जिसमें ₹3,215 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया गया, जो पिछले साल की तुलना में 4% कम था। इसका मुख्य कारण ₹1,191 करोड़ का एक बार का एक्सेप्शनल कॉस्ट रहा। हालांकि, ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 10.5% बढ़कर ₹71,449.70 करोड़ हो गया था।
L&T का P/E रेश्यो लगभग 27.65 है और फरवरी 2026 तक इसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग $57.16 बिलियन USD या ₹5.24 लाख करोड़ अनुमानित है। कंपनी के पास दिसंबर 2025 तक ₹7.33 लाख करोड़ से अधिक का बड़ा ऑर्डर बुक है, जो आने वाले वर्षों के लिए रेवेन्यू की अच्छी-खासी विजिबिलिटी देता है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाकर कंपनियों के लिए कमाई की संभावनाओं को बढ़ाएगा। ब्रोकरेज फर्मों का भी इस स्टॉक पर पॉजिटिव आउटलुक है और कुछ ने 'Buy' रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस भी बढ़ाए हैं।