L&T Share Price: ब्रोकरेज की गिरी बिजली! 'बाय' से 'न्यूट्रल' हुआ स्टॉक, **3%** लुढ़का

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
L&T Share Price: ब्रोकरेज की गिरी बिजली! 'बाय' से 'न्यूट्रल' हुआ स्टॉक, **3%** लुढ़का
Overview

Larsen & Toubro (L&T) के शेयरों में आज बिकवाली का दबाव देखा गया। ब्रोकरेज फर्म Nomura द्वारा रेटिंग को 'Buy' से घटाकर 'Neutral' किए जाने के बाद स्टॉक **3%** से अधिक लुढ़क गया। ब्रोकरेज ने कंपनी के कमजोर तिमाही नतीजों और लंबी अवधि की ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर सवाल उठाए हैं।

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Nifty 50 पर Larsen & Toubro (L&T) का शेयर आज 3% से ज़्यादा की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, जो इसे सबसे ज़्यादा लुढ़कने वाले शेयरों में से एक बनाता है। इस भारी बिकवाली की वजह विदेशी ब्रोकरेज फर्म Nomura का रेटिंग डाउनग्रेड है, जिसने L&T की 'Buy' रेटिंग को घटाकर 'Neutral' कर दिया है। ब्रोकरेज ने कंपनी के तिमाही नतीजों (Quarterly Results) को निराशाजनक बताया है और लंबी अवधि की ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर भी चिंता जताई है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) और EBITDA विश्लेषकों के अनुमानों से लगभग 4% कम रहा, जिसका मुख्य कारण घरेलू प्रोजेक्ट्स में एग्जीक्यूशन की चुनौतियां और पश्चिम एशिया में सप्लाई में आई रुकावटें हैं। Nomura ने L&T के शेयरों के लिए टारगेट प्राइस (Target Price) भी घटाकर ₹3,940 कर दिया है।

एनालिस्ट्स अब L&T के FY27 के लिए 10-12% ऑर्डर इनफ्लो (Order Inflow) ग्रोथ के अनुमान पर सवाल उठा रहे हैं। यह लक्ष्य इसलिए महत्वाकांक्षी लग रहा है क्योंकि ओवरऑल टेंडर पाइपलाइन (Tender Pipeline) में पिछले साल के मुकाबले 6% की गिरावट दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, कमांडिटी कॉस्ट (Commodity Costs) में लगातार हो रही बढ़ोतरी भी दबाव बढ़ा रही है। इससे प्रोजेक्ट अवार्ड्स में देरी हो सकती है, क्योंकि अथॉरिटीज को मूल लागत अनुमानों से अधिक के बिड्स पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। यह महंगाई का दबाव खास तौर पर अंतरराष्ट्रीय कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए एक बड़ा जोखिम पैदा करता है, जिनमें अक्सर प्राइस-वेरिएशन क्लॉज (Price-variation clauses) शामिल नहीं होते, जिससे L&T के मार्जिन पर असर पड़ने का खतरा है।

कंपनी की आने वाली 'लक्ष्य 2031' (Lakshya 2031) नामक पांच साल की योजना, पिछली रणनीतिक अवधि की तुलना में धीमी ग्रोथ की ओर इशारा कर रही है। ऑर्डर इनफ्लो के लिए अनुमानित कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) को पिछले 20% के लक्ष्य से घटाकर 10-12% कर दिया गया है। रेवेन्यू ग्रोथ भी पिछले 16% के अनुमान से घटकर 12-15% रहने का अनुमान है। L&T के पास एक मजबूत ऑर्डर बैकलॉग (Order Backlog) होने के बावजूद, यह रणनीतिक धीमी गति एनालिस्ट्स को चिंतित कर रही है, जो कंपनी के विस्तार में संभावित मंदी का संकेत देती है।

Larsen & Toubro फिलहाल अपने अनुमानित FY27 कोर अर्निंग्स पर शेयर (EPS) के मुकाबले लगभग 32 गुना वैल्यूएशन (Valuation) पर ट्रेड कर रहा है। एनालिस्ट्स का मानना है कि मौजूदा अनिश्चितताओं और धीमी ग्रोथ को देखते हुए यह वैल्यूएशन ज़्यादा आकर्षक नहीं है। चिंता का एक और कारण रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) में सुधार की सीमित विजिबिलिटी (Visibility) है। L&T ने FY26 में अपने 18% RoE लक्ष्य को बमुश्किल हासिल किया था और 2031 तक RoE 16-17% के दायरे में रहने का अनुमान है। यह कैपिटल एफिशिएंसी (Capital Efficiency) में ठहराव का संकेत देता है, जो मौजूदा स्टॉक मल्टीपल्स (Stock Multiples) में पूरी तरह से परिलक्षित नहीं हो रहा है।

संशोधित रणनीतिक लक्ष्यों और हालिया प्रदर्शन में आई कमी, कंपनी की बढ़ती ऑपरेशनल कॉम्प्लेक्सिटीज (Operational Complexities) और ऑर्गेनिक ग्रोथ में संभावित मंदी को दर्शाती है। L&T का ऑर्डर बैकलॉग मजबूत बना हुआ है, लेकिन कमांडिटी की लगातार बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अस्थिरता से प्रभावित सप्लाई चेन जैसे मैक्रोइकॉनॉमिक फैक्टर एग्जीक्यूशन चुनौतियों को और बढ़ा रहे हैं। कई अंतरराष्ट्रीय कॉन्ट्रैक्ट्स में प्राइस एस्केलेशन क्लॉज़ (Price escalation clauses) की अनुपस्थिति के कारण लागत बढ़ने का खतरा है, जो कुछ प्रतिस्पर्धियों की तुलना में एक संरचनात्मक कमजोरी मानी जा रही है। 18% RoE के स्तर को पार करने में कंपनी की अनुमानित असमर्थता बताती है कि कैपिटल पर बेहतर रिटर्न जेनरेट करने की कंपनी की क्षमता संरचनात्मक बाधाओं का सामना कर रही है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.