मिडिल ईस्ट में नए ऑर्डर, पर शेयर क्यों लुढ़के?
Larsen & Toubro (L&T) के पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (PT&D) बिजनेस को मिडिल ईस्ट से नए कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं। इन ऑर्डरों की कुल वैल्यू ₹1,000 करोड़ से ₹2,500 करोड़ के बीच है। इन प्रोजेक्ट्स में एक्स्ट्रा-हाई वोल्टेज सबस्टेशन बनाना शामिल है, जिसमें एक 380 kV और दो 132 kV की फैसिलिटीज़ होंगी। ये प्रोजेक्ट्स टर्नकी बेसिस पर एग्जीक्यूट किए जाएंगे।
हालांकि, कंपनी की इस ऑपरेशनल कामयाबी का असर शेयर बाजार में नहीं दिख रहा। पिछले तीन महीनों में L&T के शेयर की कीमत करीब 7.19% और ईयर-टू-डेट 6.44% गिर चुकी है। 12 मई 2026 को शेयर में एवरेज ट्रेडिंग वॉल्यूम देखा गया, जिसमें करीब 5,02,930 शेयर ट्रेड हुए।
वैल्यूएशन और डेट लेवल पर चिंताएं
L&T की मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹5.33 लाख करोड़ ($55.75 बिलियन USD) है। लेकिन, इसके वैल्यूएशन मेट्रिक्स पर एनालिस्ट्स की नजर है। पिछले 12 महीनों का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 28.0 से 36.7 के बीच बताया जा रहा है, जो कंपनी के ऐतिहासिक औसत और कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री के एवरेज से ऊपर है।
इसके अलावा, 2026 की शुरुआत में L&T का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो लगभग 1.33 से 1.36 दर्ज किया गया है, जो कंपनी पर काफी लीवरेज (कर्ज) को दर्शाता है। कंपनी इस डेट को मैनेज कर रही है, लेकिन यह फाइनेंसियल रिस्क का एक पहलू है, खासकर ऐसे कैपिटल-इंटेंसिव प्रोजेक्ट्स और ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितताओं को देखते हुए।
जियोपॉलिटिकल और ग्रोथ की चिंताओं पर एनालिस्ट्स की डाउनग्रेडिंग
मार्केट की यह सावधानी हालिया एनालिस्ट एक्शन्स का नतीजा है। कई ब्रोकरेज हाउसेस ने L&T को डाउनग्रेड किया है। नोमुरा (Nomura) ने ग्रोथ टारगेट में धीमी गति और वैल्यूएशन की चिंताओं को देखते हुए 'Buy' से 'Neutral' रेटिंग दी है और प्राइस टारगेट घटाकर ₹3,940 कर दिया है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज (ICICI Securities) ने भी एग्जीक्यूशन पर असर डालने वाली जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं को देखते हुए 'Buy' से 'Add' रेटिंग दी है। बीओएफए सिक्योरिटीज (BofA Securities) ने घरेलू कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) ग्रोथ में कमी और मिडिल ईस्ट से रेवेन्यू पर जोखिमों का हवाला देते हुए स्टॉक को 'Underperform' रेटिंग दी और टारगेट प्राइस ₹3,700 रखा। मार्केट्समोजो (MarketsMOJO) ने भी रेटिंग घटाकर 'Hold' कर दी है। ये डाउनग्रेडिंग ऐसे समय में आई हैं जब मार्केट सेंटीमेंट कमजोर है और पिछले एक साल में स्टॉक में गिरावट देखी गई है।
L&T के लिए बढ़ते जोखिम
मिडिल ईस्ट पर L&T की 37% (FY25 में) ऑर्डर बुक के हिसाब से काफी निर्भरता, इसे जियोपॉलिटिकल अस्थिरता और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से होने वाले संभावित व्यवधानों के प्रति संवेदनशील बनाती है। सीमेंस एनर्जी (Siemens Energy) जैसी ग्लोबल कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा भी दबाव बढ़ा रही है, जो सऊदी अरब और गल्फ क्षेत्र में बड़े पावर प्रोजेक्ट्स हासिल कर रही हैं।
L&T का ऊंचा डेट-टू-इक्विटी रेश्यो, खासकर प्रोजेक्ट की समय-सीमा बढ़ने या अनपेक्षित लागतों के कारण मार्जिन कम होने पर, मैनेजमेंट के लिए एक चुनौती है। एनालिस्ट्स को L&T के 'लक्ष्य 2031' प्लान में बताए गए लॉन्ग-टर्म स्ट्रेटेजिक ग्रोथ टारगेट्स में भी नरमी का संकेत मिल रहा है, जिससे भविष्य की ग्रोथ ऐतिहासिक दरों से कम रह सकती है। हाल ही में घाटे वाले हैदराबाद मेट्रो प्रोजेक्ट से बाहर निकलना, हालांकि अंततः मुनाफे में रहा, जटिल और कैपिटल-इंटेंसिव वेंचर्स को बेचने की चुनौतियों को उजागर करता है।
आउटलुक और एनालिस्ट्स के मिले-जुले विचार
L&T एक ऐसे महत्वपूर्ण दौर से गुजर रही है जहां उसे मार्केट की चुनौतियों का सामना करना है और अपने प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक एग्जीक्यूट करना है। कंपनी के बड़े ऑर्डर बैकलॉग क्लाइंट के भरोसे को दर्शाते हैं, लेकिन कंपनी को लागत, समय-सीमा और अपने इंटरनेशनल ऑपरेशंस में जियोपॉलिटिकल जोखिमों का प्रबंधन करना होगा। एनालिस्ट प्राइस टारगेट में ₹3,600 से ₹5,281.5 तक का बड़ा अंतर है, जो L&T के भविष्य पर अलग-अलग विचारों को दर्शाता है। 12 महीने का कंसेंसस टारगेट लगभग ₹4,618.33 है। निवेशक L&T की क्षमता पर नजर रखेंगे कि वह अपने बैकलॉग को प्रॉफिटेबल रेवेन्यू में कैसे बदलती है और अपने कर्ज को कैसे कम करती है, खासकर ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितताओं और हालिया डाउनग्रेड्स के बीच।
