एलएंडटी का इस तिमाही का शुद्ध लाभ 3,215 करोड़ रुपये रहा, जो 1,191 करोड़ रुपये के एकमुश्त शुल्क के कारण विश्लेषकों के अनुमान से कम था। यह शुल्क नए श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन से संबंधित था। इस एकमुश्त राशि को छोड़कर, कंपनी का आवर्ती शुद्ध लाभ 4,406 करोड़ रुपये होता, जो पिछले वर्ष की तुलना में 31% अधिक है। कंपनी का राजस्व 10.5% बढ़कर 71,450 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA में 18.6% की प्रभावशाली वृद्धि हुई, जो 7,417 करोड़ रुपये रहा, और ऑपरेटिंग मार्जिन बढ़कर 10.4% हो गए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी की ऑर्डर बुक 30% बढ़कर 7.33 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जो आने वाले वर्षों के लिए मजबूत राजस्व दृश्यता प्रदान करती है। चेयरमैन एस एन सुब्रमण्यन ने इसे "अब तक का उच्चतम त्रैमासिक ऑर्डर इनफ्लो" बताया। 'प्रोजेक्ट्स एंड मैन्युफैक्चरिंग' पोर्टफोलियो में एक ही तिमाही में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर मिले। सरकारी पूंजीगत व्यय पर निरंतर ध्यान इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को बढ़ावा दे रहा है। नए ऑर्डरों में 49% हिस्सेदारी अंतरराष्ट्रीय ऑर्डरों की थी। एलएंडटी का P/E अनुपात लगभग 31-36 है, जो कुछ प्रतिस्पर्धियों जैसे एनसीसी (11) की तुलना में अधिक है, लेकिन केईसी इंटरनेशनल (29) के समान है। रिकॉर्ड ऑर्डर बुक इस प्रीमियम मूल्यांकन का समर्थन करती है, और आगामी बजट भी इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए अनुकूल रहने की उम्मीद है।
एलएंडटी के मुनाफे पर एकमुश्त शुल्क का असर, ऑर्डर बुक में आई रिकॉर्ड तेजी
INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Overview
एलएंडटी का तीसरी तिमाही का शुद्ध लाभ 4.3% घटकर 3,215 करोड़ रुपये रहा, जो नए श्रम संहिताओं से संबंधित 1,191 करोड़ रुपये के एकमुश्त शुल्क के कारण विश्लेषक अनुमानों से काफी कम था। इस समायोजन के बावजूद, राजस्व 10.5% बढ़कर 71,450 करोड़ रुपये हो गया, और कंपनी की ऑर्डर बुक 30% बढ़कर 7.33 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
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