डिवेस्टमेंट और मार्केट की चाल
Larsen & Toubro (L&T) एक बड़े माइलस्टोन के करीब है, कंपनी का मार्केट कैप ₹6 ट्रिलियन के पार जाने वाला है। पिछले एक महीने में शेयर की कीमत में लगभग 10% की बढ़ोतरी हुई है, जो बाज़ार की मामूली बढ़त से कहीं बेहतर प्रदर्शन है। इस तेजी का एक बड़ा कारण Nabha Power Ltd. (NPL) को ₹3,660.87 करोड़ में बेचने की डील का एलान है। L&T अपनी इस 1,400 MW क्षमता की कोयला-आधारित थर्मल पावर प्लांट को जून 2026 तक बेचने का लक्ष्य रखती है।
कंपनी इस कदम को अपनी रणनीति का हिस्सा बता रही है, जिसका मकसद नॉन-कोर, पुराने एसेट्स से बाहर निकलना और पूंजी को ज़्यादा रिटर्न देने वाले इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सेगमेंट में लगाना है। ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities का मानना है कि यह डील वैल्यू-एक्रिटिव (Value-accretive) है, जिससे L&T अपनी पूंजी को इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस और एनर्जी ट्रांज़िशन जैसे हाई-ग्रोथ एरिया में फिर से लगा सकेगी। NPL ने FY25 में L&T के कंसोलिडेटेड टर्नओवर (Turnover) का लगभग 1.73% और नेट वर्थ (Net Worth) का 3.64% योगदान दिया था। फिलहाल, L&T का शेयर ₹4,232 के आसपास कारोबार कर रहा है और फरवरी 2026 के मध्य तक इसका मार्केट कैप लगभग ₹5.83 ट्रिलियन तक पहुंच गया है।
ऑर्डर बुक और सेक्टर में तेजी
L&T की भविष्य की कमाई की विजिबिलिटी (Visibility) काफी मजबूत दिख रही है। कंपनी के पास ₹7.33 ट्रिलियन का कंसोलिडेटेड ऑर्डर बैकलाग (Order Backlog) है, जो पिछले साल की तुलना में 30% बढ़ा है। इस बड़े ऑर्डर बुक का लगभग 49% हिस्सा अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से आता है, जिसमें मिडिल ईस्ट का बड़ा योगदान है। कंपनी के पास ₹5.9 ट्रिलियन का नज़दीकी बिड पाइपलाइन (Bid Pipeline) भी है।
इस तेजी को भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते फोकस से भी बल मिल रहा है। यूनियन बजट 2026-27 में सड़कों, बंदरगाहों और हाई-स्पीड रेलवे के लिए रिकॉर्ड USD 133.1 बिलियन का आवंटन किया गया है। सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से प्रोजेक्ट्स के लिए बड़ी उम्मीदें हैं। भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का आकार 2026 में ₹95–105 ट्रिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जो 8–10% की सालाना दर से बढ़ रहा है। L&T के विविध बिज़नेस सेगमेंट्स इसे इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में रखते हैं। Q3 FY26 में कंपनी के ऑर्डर इनफ्लो (Order Inflow) रिकॉर्ड ₹1.35 लाख करोड़ रहे, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग को दर्शाता है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि FY25-FY28E के बीच रेवेन्यू और PAT (Profit After Tax) क्रमशः 15.6% और 19.9% की CAGR (Compound Annual Growth Rate) से बढ़ सकते हैं।
चिंता की बातें: वैल्यूएशन और रिस्क
हालांकि, कुछ ऐसे कारक भी हैं जिन पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए। L&T का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो फिलहाल 30-35x के आसपास है, जो इसके ऐतिहासिक औसत और कई इंडस्ट्री साथियों की तुलना में ज़्यादा है। कुछ रिपोर्टों में यह 92.71x तक भी बताया गया है। इसके अलावा, मार्च 2025 तक कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) लगभग 1.33 है, जो कुछ प्रतिस्पर्धियों की तुलना में ज़्यादा फाइनेंशियल लीवरेज (Financial Leverage) दर्शाता है।
L&T की मजबूत मार्केट पोजीशन और ऑर्डर बुक अच्छी रेवेन्यू विजिबिलिटी देते हैं, लेकिन एग्जीक्यूशन (Execution) एक महत्वपूर्ण फैक्टर बना रहेगा। Q3 FY26 में कंपनी के नेट प्रॉफिट में 4% की गिरावट आई थी, जिसका एक कारण नए लेबर कोड्स के लिए एकमुश्त प्रोविज़न (Provision) था। Q2 FY26 में कुछ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में बारिश के कारण धीमी एग्जीक्यूशन गति भी देखी गई थी। कंपनी की कॉन्टिनजेंट लायबिलिटीज़ (Contingent Liabilities) भी ₹1,44,688.17 करोड़ जितनी बड़ी है। हाल ही में, कुछ एनालिस्ट्स ने वैल्यूएशन के स्ट्रेच होने और निवेशक भागीदारी में नरमी के कारण स्टॉक को 'होल्ड' रेटिंग भी दी है, जो फरवरी 2026 को हुई थी।
आगे का रास्ता और एनालिस्ट्स की राय
ज़्यादातर एनालिस्ट्स L&T पर बुलिश (Bullish) बने हुए हैं, और आम तौर पर 'बाय' (Buy) रेटिंग है। वॉल स्ट्रीट एनालिस्ट्स का औसत 1-साल का प्राइस टारगेट लगभग ₹4,715.04 है, जबकि उच्चतम अनुमान ₹5,281.5 तक जाता है। ICICI Securities और Motilal Oswal Financial Services जैसी ब्रोकरेज फर्मों ने 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस क्रमशः ₹5,030 और ₹4,600 तय किए हैं। Jefferies ने भी L&T को 2026 के लिए अपने टॉप 5 भारतीय इंडस्ट्रियल स्टॉक पिक्स में शामिल किया है। कंपनी का हाई-ग्रोथ एरिया पर फोकस और सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज़ोर एक मजबूत नींव प्रदान करता है। हालांकि, बाज़ार इस बात पर बारीकी से नज़र रखेगा कि कंपनी अपने विशाल ऑर्डर बुक को मुनाफे में कैसे बदलती है और अपने लीवरेज व कॉन्टिनजेंट लायबिलिटीज़ को कितनी प्रभावी ढंग से मैनेज करती है।
