मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक अस्थिरता ने L&T के ऑपरेशन्स पर गहरा असर डाला है। इस क्षेत्र में चल रहे तनाव के कारण सप्लाई चेन में बाधाएं आ रही हैं, कच्चे माल की कीमतें बढ़ रही हैं और शिपिंग में देरी हो रही है, खासकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण मार्गों से।
यही नहीं, कंपनी अब EBIT मार्जिन में सुधार की बजाय स्थिरता की उम्मीद कर रही है, जो कि पहले के अनुमानों से बिल्कुल अलग है।
वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों में L&T का रेवेन्यू साल-दर-साल 11% बढ़ा था, जिसका मुख्य कारण एनर्जी और IT सर्विसेज सेक्टर में मजबूत प्रदर्शन था। हालांकि, EBITDA मार्जिन 60 बेसिस पॉइंट तक गिर गया। इसका मुख्य कारण एनर्जी प्रोजेक्ट्स में लागत का बढ़ना और पुरानी कॉन्ट्रैक्ट्स का पूरा होना रहा।
इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 60% की बढ़ोतरी ने भी चीजों को और मुश्किल बना दिया है। उच्च ऊर्जा लागत का सीधा असर ईंधन, परिवहन और लॉजिस्टिक्स पर पड़ा है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की लागतें बढ़ गई हैं। L&T इस बढ़ी हुई लागत को ग्राहकों पर डालने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसमें लगने वाले समय के कारण FY27 की पहली छमाही में मार्जिन पर असर पड़ने की उम्मीद है।
इन सब नजदीकी चुनौतियों के बावजूद, L&T अपनी लॉन्ग-टर्म 'लक्ष्य 2031' (Lakshya 2031) स्ट्रेटेजी पर पूरी तरह से कायम है। इस प्लान के तहत, कंपनी FY31 तक 10-12% ऑर्डर इनफ्लो CAGR और 12-15% रेवेन्यू CAGR का लक्ष्य लेकर चल रही है। मार्च 2026 तक कंपनी का ऑर्डर बुक ₹7.40 लाख करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल से 28% ज्यादा है। इसमें ₹3.6 लाख करोड़ का इंटरनेशनल ऑर्डर बुक भी शामिल है, जिसमें खासकर सऊदी अरब (Saudi Arabia) और यूएई (UAE) जैसे देशों का बड़ा योगदान है।
फिलहाल, L&T का वैल्युएशन (P/E रेश्यो लगभग 33-37x) थोड़ा महंगा लग रहा है, खासकर अनुमानित मार्जिन गिरावट और FY27 की नई गाइडेंस को देखते हुए। कई एनालिस्ट, जैसे Jefferies (टारगेट ₹4,885) और CLSA (टारगेट ₹4,842), मजबूत ऑर्डर बुक और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को देखते हुए 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं। वहीं, UBS जैसे कुछ एनालिस्ट ने जोखिमों और वैल्यूएशन को देखते हुए रेटिंग घटाकर 'Neutral' या 'Hold' कर दी है और प्राइस टारगेट कम किए हैं।
आगे चलकर, L&T डिजिटल अडॉप्शन, AI इंटीग्रेशन, डेटा सेंटर्स, ग्रीन हाइड्रोजन और सेमीकंडक्टर डिजाइन जैसे नए क्षेत्रों में विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। ये स्ट्रेटेजी वर्तमान मार्जिन दबावों को देखते हुए रेवेन्यू को डायवर्सिफाई करने और प्रॉफिटेबिलिटी सुधारने में मदद करेंगी।
ऐतिहासिक रूप से, मध्य पूर्व में अस्थिरता के कारण L&T के स्टॉक में करेक्शन देखा गया है, और तनाव कम होने पर इसमें तेजी आई है। ऐसे में, यह देखना अहम होगा कि कंपनी इन भू-राजनीतिक मुश्किलों से कैसे निपटती है और अपनी लॉन्ग-टर्म ग्रोथ एजेंडा को कैसे आगे बढ़ाती है।
