Larsen & Toubro ने Hyderabad Metro प्रोजेक्ट में अपनी हिस्सेदारी बेचने की समय सीमा को आगे बढ़ाकर **31 दिसंबर, 2026** कर दिया है। कंपनी इस प्रोजेक्ट को तेलंगाना सरकार की एक इकाई को **₹1,461.47 करोड़** में बेचने की तैयारी में है, जो कि इस साल का दूसरा विस्तार है।
सौदे में देरी की वजह
इन्फ्रास्ट्रक्चर दिग्गज Larsen & Toubro ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया है कि Hyderabad Metro प्रोजेक्ट को बेचने की प्रक्रिया में फिर से देरी हुई है। इस साल यह दूसरी बार है जब कंपनी ने डेडलाइन को आगे बढ़ाया है, इससे पहले जून और सितंबर में भी टारगेट तय किए गए थे।
क्यों जरूरी है यह सेल?
कंपनी ने L&T Metro Rail (Hyderabad) Limited में अपनी पूरी इक्विटी होल्डिंग को बेचने का समझौता किया है। L&T के लिए यह निकासी अपनी बैलेंस शीट को साफ करने की एक रणनीतिक चाल है। यह मेट्रो प्रोजेक्ट लंबे समय से कंपनी के लिए एक चुनौतीपूर्ण एसेट रहा है, जिसमें भारी नुकसान और ऑपरेशनल चुनौतियों के कारण कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर असर पड़ रहा था।
निवेशकों के लिए संकेत
इस डिवेस्टमेंट से L&T का मुख्य फोकस अब इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन और टेक्नोलॉजी सर्विसेज जैसे कोर बिजनेस पर होगा। यह मेट्रो एसेट अपनी जटिल ऋण संरचना और ऑपरेशनल देनदारियों के कारण बोझ बना हुआ था। हालांकि, अब बाजार की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या दिसंबर 2026 तक इस सौदे को सफलतापूर्वक अंतिम रूप दिया जा सकेगा। यह डील कंपनी के ऑपरेशन्स को स्ट्रीमलाइन करने और लंबी अवधि में फाइनेंशियल बोझ को कम करने के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है।
